एफकेसीसीआई ने किया कार्यबल का गठन

चीन से स्थानांतरीत हो रही कंपनियों को कर्नाटक में निवेश के लिए प्रेरीत करने के लिए कॉपीट चीन कार्यबल गठन

By: Sanjay Kulkarni

Updated: 31 May 2020, 12:15 PM IST

बेंगलूरु.फैडरेशन ऑफ कर्नाटक कॉमर्स एन्ड इंडस्ट्रिज ने चीन से स्थानांतरीत हो रही कंपनियों को कर्नाटक में निवेश के लिए प्रेरीत करने के लिए कॉपीट चीन कार्यबल के गठन का फैसला किया है।
एफकेसीसीआई के अध्यक्ष एसआर जनार्दन के अनुसार राज्य सरकार के ऐसे प्रयासों में एफकेसीसीआई ने हरसंभव सहयोग का संकल्प लिया है। इस कार्यबल में एफकेसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष तथा निदेशकों समेत 29 सदस्यों को शामिल किया गया है।
चीन से स्थानांतरीत कई कंपनियां अब भारत में निवेश करने के लिए आगे आ रही है। हमें इस अवसर का लाभ उठाते हुए कर्नाटक में ऐसी कंपनियों का अधिक से अधिक निवेश सुनिश्चित करना होगा इससे सैकड़ों रोजगारों का सर्जन संभव होगा। राज्य सरकार ने भी इसी लक्ष्य को लेकर कार्यबल गठित करने जा रही है। एफकेसीसीआई का कार्यबल सरकारी कार्यबल के साथ जानकारियां साझा करेगा। राज्य सरकार के कार्यबल में एफकेसीसीआई के प्रतिनिधित्व की मांग रखी जाएगी।
बैठक में एफकेसीसीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पेरीकल एम सुंदर, लेखापाल आईएस प्रसाद समेत कार्यबल के सदस्य उपस्थित थे।

देवस्थान विभाग के आयुक्त ने जारी किए दिशानिर्देश
बेंगलूरु.धर्मादाय विभाग के आयुक्त की ओर से जारी आदेश के तहत राज्य के देवस्थान विभाग में शामिल मंदिरों को एहतियात के तौर पर मंदिर के कपाट खोलने के पश्चात कई शर्तों का कडाई से पालन करने के लिए सूचित किया है। इस आदेश के मुताबिक मंदिर तथा आस-पास के क्षेत्रों की सफाई पर विशेष ध्यान देना अनिवार्य होगा।
मंदिर के परिसर में प्रति दिन रोगाणु प्रतिबंधक रासायनिक द्रव का छिडकाव करना होगा। श्रध्दालुओं को नियंत्रित करने के लिए अगले दो माह के लिए अस्थाई अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात करना होगा। ऐसे सुरक्षाकङ्क्षंर्मयों के वेतन का भुगतान मंदिर को अपने संसाधनों से ही करना होगा।
मंदिर के सभी पूजारी समेत कर्मचारियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। मंदिर में प्रवेश करनेवाले हर श्रध्दालु की थर्मल स्कैनिंग अनिवार्य होगी। उसके पश्चात श्रध्दालुओं के लिए सैनिटाइजर की व्यवस्था करना मंदिर के प्रबंधन का दायित्व होगा। थर्मल स्कैनर तथा सैनिटाइजर की खरीदी मंदिर को अपने संसाधनों से करनी होगी। थर्मल स्कैनिंग के दौरान किसी श्रद्धालु के शरीर का तापमान अधिक होने पर ऐसे श्रध्दालु को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। श्रध्दालुओं के लिए भी मास्क पहनना अनिवार्य होगा।

Sanjay Kulkarni Reporting
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