पूर्व प्रधानमंत्री को आसान नहीं लगता ONE NATION ONE ELECTION

पूर्व प्रधानमंत्री को आसान नहीं लगता ONE NATION ONE ELECTION

Ram Naresh Gautam | Publish: Jun, 21 2019 05:46:32 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

  • कहा-प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाना मुश्किल

बेंगलूरु. FORMER PRIME MINISTER व JDS के राष्ट्रीय अध्यक्ष HD DEVEGOWDA ने 'एक देश एक चुनाव' ONE NATION ONE ELECTION को अस्तित्व में लाने में मुश्किल पेश आने की आशंका जताई है।

गुरुवार को उन्होंने कहा कि ऐसा होने से मतदाता के मन में द्वंद्व पैदा होगा, उनके लिए LOKSABHA तथा विधानसभा के लिए प्रत्याशियों का चयन करना आसान नहीं होगा।

इस व्यवस्था का लाभ केवल NATIONAL POLITICAL PARTIES को हो सकता है, यह व्यवस्था क्षेत्रीय दलों के लिए नुकसानदायी होगी।

गणतंत्र में क्षेत्रीय अस्मिता पर भी ध्यान देना होगा। पूरे देश में केवल एक दल की सत्ता हो यह विचार ही गणतंत्र के लिए घातक होगा।

अभी इस प्रस्ताव पर विचार-विमर्श एक समिति का गठन किया गया है। इस प्रस्ताव पर व्यापक चिंतन-मंथन किया जाना चाहिए।

उन्होंने दोहराया कि राज्य की गठबंधन सरकार को हमारी पार्टी की ओर से कोई खतरा नहीं है।

सरकार की स्थिरता के लिए CONGRESS नेता सिद्धरामय्या की सलाह के तहत जद-एस ने अपने कोटे का एक मंत्री पद निर्दलीय विधायक को दिया है।

एक सवाल पर देवगौड़ा ने कहा कि आम चुनाव के पश्चात CONGRESS PRESIDENT राहुल गांधी ने अपने पद से त्यागपत्र देने की घोषणा की थी।

तब उन्होंने कांग्रेस नेताओं से राहुल गांधी को ही पद पर बरकरार रखने की अपील की थी। आम चुनाव के परिणाम से कांग्रेस तथा जद-एस के बीच दरारें बढऩे के सवाल पर पर उन्होंने कहा कि यह वास्तविकता नहीं है।

पार्टी केे प्रदेश अध्यक्ष पद से एएच विश्वनाथ के त्यागपत्र पर देवगौड़ा ने कहा कि उन्होंन इस्तीफा वापस लेने के लिए कहा है।

मौजूदा राजनीतिक स्थिति का हवाला देते हुए विश्वनाथ को मनाने के प्रयास जारी है। उम्मीद है कि एक परिपक्व राजनेता होने के कारण विश्वनाथ अपने दायित्व को समझते हुए त्यागपत्र वापस लेंगे।

उन्होंने कहा कि हाल में स्थानीय शहरी निकायों के चुनाव में सफलता हासिल करने वाले पार्टी के 569 सदस्यों को सम्मानित किया गया था।

इस चुनाव में हारने वाले भी पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता हैं, उनका भी सम्मान किया जाएगा। मुख्यमंत्री HD KUMARSWAMY के रात्रि विश्राम कार्यक्रम पर उन्होंने कहा कि अबकी बार इस कार्यक्रम का स्वरूप पहले से अलग है।

इससे पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री कामराज ने भी ऐसा ही प्रयास कर ग्रामीण विकास को नया आयाम दिया था।

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