फूलों व फलों का मिला साथ तो 'इको-फ्रेंडलीÓ हो गए गणपति बप्पा

  • प्रसाद के रूप मेें बांटने की तैयारी

By: Santosh kumar Pandey

Published: 11 Sep 2021, 09:59 PM IST

बेंगलूरु. विघ्न विनाशक भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए श्रध्दालु तरह-तरह से भक्ति भाव प्रदर्शित करते हैं। यहां जेपीनगर में एक विशाल गणेश मंदिर सत्य गणपति मंदिर में गजानन की प्रतिमा को फूलों, फलों, पत्तियों जैसी इको फ्रेंडली वस्तुओं से सजाया गया और बाद में इन्हें प्रसाद के रूप मेें बांटने की तैयारी की गई है।

मंदिर के ट्रस्टी मोहन राजू बताते हैं कि हर साल मंदिर में अलग अंदाज में सजावट की जाती है। इस साल हमने नौ प्रकार की वस्तुओं से भगवान गणेश की सजावट की है,इनमें फल, फूल और पत्तियां शामिल हैं। खास बात यह है कि तीन दिन की पूजा-अर्चना के बाद यह सारा सामान श्रध्दालुओं में प्रसाद के रूप में बांट दिया जाएगा और कुछ भी नष्ट नहीं होगा।

मंदिर के भीतर ही हुई सजावट

वे कहते हैं कि हर साल हम मंदिर के बाहर तीस फीट ऊंची प्रतिमा सजाते थे लेकिन सरकार के कोविड-१९ दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस बार गौरी-गणेश पर मंदिर के भीतर ही सजावट की गई।

मंदिर बना टीकाकरण स्थल

यही नहीं, मंदिर आनेवाले श्रध्दालुओं के लिए कोरोना टीकाकरण की भी व्यवस्था की गई। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद लौट रहे श्रध्दालुओं ने टीका लगवाया और खुशी मन से घर लौटे।

कोविड के संक्रमण से बचने के लिए बिना मास्क मंदिर पहुंचे श्रध्दालुओं को मंदिर प्रबंधन ने मास्क भी मुहैया करवाया और यह सुनिश्चित किया कि मंदिर आनेवाले हर श्रध्दालु मास्क लगाकर ही भीतर प्रवेश करें।
फूलों, फलों व पत्तियों से की गई सजावट देखकर श्रद्धालु बेहद खुश नजर आए।

Santosh kumar Pandey Desk
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