गौरी लंकेश हत्याकांड :  अब मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी एसआइटी

Shankar Sharma

Publish: Jun, 14 2018 10:28:39 PM (IST)

Bangalore, Karnataka, India
गौरी लंकेश हत्याकांड :  अब मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी एसआइटी

पत्रकार गौरी लंकेश हत्याकांड मामले में विशेष जांच दल (एसआइटी) को अब भी मुख्य आरोपी की तलाश है।

बेंगलूरु. पत्रकार गौरी लंकेश हत्याकांड मामले में विशेष जांच दल (एसआइटी) को अब भी मुख्य आरोपी की तलाश है। परशुराम वाघमारे की गिरफ्तारी और उससे पूछताछ के बाद कई अहम सुराग हाथ लगे हैं, जो वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी का रास्ता आसान बना सकते हैं।


एसआइटी को हत्या के लिए प्रयोग में लाई गई बाइक और पिस्तौल को भी खोज रही है। अब तक की जांच से पता चला है कि यह सुपारी देकर हत्या का मामला नहीं है। बल्कि साम्प्रदायिक ताकतों के खिलाफ लेख प्रकाशित करने के कारण गौरी की हत्या की गई। एसआइटी ने गिरफ्तार नवीन कुमार, सुजीत कुमार, अमोल काले, अमित देगवेकर और मनोहर को मुख्य आरोपी घोषित नहीं किया है। जांच दल का मानना है कि गौरी लंकेश की हत्या में इनकी भूमिका है, लेकिन मुख्य आरोपी कोई और है। दूसरी तरफ आरोपियों ने उच्च न्यायालय में एसआइटी पर उत्पीडि़त किए जाने का आरोप लगाकर सुरक्षा प्रदान कराने की मांग को लेकर याचिका दाखिल की है।


माना जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपियों में से किसी के पास वह पिस्तौल जरूर है, जिससे हत्या की गई, मगर हथियार को कहीं छिपा कर रखा गया है। अगर पिस्तौल मिल गई तो कई चीजें स्पष्ट हो जाएंगी। मंगलवार को गिरफ्तार किए परशुराम को साल २०१२ में सिंदगी के तहसीलदार कार्यालय पर पाकिस्तान का ध्वज लहराकर माहौल बिगाडऩे के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।


एसआइटी ने परशुराम को मनोहर की सूचना पर गिरफ्तार किया। उसे गिरफ्तार करने के लिए एक सप्ताह पहले ही सिंदगी में पड़ाव डाला गया। उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी गई।

मनोहर और परशुराम की कुछ साल पहले ही मुलाकात हुई। मनोहर के जरिए परशुराम ने महाराष्ट्र के अमोल काले, अमित और नेहाल से मुलाकात की थी। इन लोगों ने दक्षिण पंथी विचारधारा का विरोध करने वाले लोगों को निशाना बनाने का संकल्प लिया। जांच दल के सूत्रों के अनुसार अमोल काले ने ही गौरी लंकेश की हत्या करने की बात कही और अन्य चारों ने इसका समर्थन किया था। सभी ने चर्चा करने लगे कि गौरी लंकेश पर गोली कौन चलाएगा?


गौरी का कद ५. ४ फीट था। इसकी हत्या करने के लिए कम कद वाले व्यक्ति की जरूरत है। केवल परशुराम का कद ५.१ फीट था। इसी कारण उसे हत्या की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उसे सिंदगी और महाराष्ट्र की सीमा पर गोली चलाने का प्रशिक्षण दिया गया। पिस्तौल पकडऩे, नजदीक से गोली चलाने और शरीर के किस हिस्सों पर गोली चलानी है, इस सब की पूरी जानकारी दी गई।


हत्या से दस दिन पहले ही परशुराम को बेंगलूरु भेजा गया था। वह केंगेरी, पट्टणगेरे और अन्य इलाकों में रहने की बात बताई है। फरार नेहाल ने ही परशुराम को गौरी लंकेश के निवास के पास छोड़ा था और हत्या की वारदात के बाद उसे साथ लेकर ट्रेन से महाराष्ट्र चला गया था। एसआइटी ने मनोहर के निवास पर छापा मार कर एक डायरी और बारह मोबाइल फोन जब्त किए। इन बारह मोबाइल फोन पर गौरी लंकेश से संंबंधित कई बातें हुई थीं।

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