गौरी लंकेश हत्याकांड : चार आरोपी 14 दिन की रिमांड पर

Shankar Sharma

Publish: Jun, 15 2018 05:33:19 AM (IST)

Bangalore, Karnataka, India
गौरी लंकेश हत्याकांड : चार आरोपी 14 दिन की रिमांड पर

पत्रकार गौरी लंकेश हत्याकांड के विशेष जांच दल (एसआइटी) ने गुरुवार को चार और आरोपयिों को अदालत में पेश किया।

बेंगलूरु. पत्रकार गौरी लंकेश हत्याकांड के विशेष जांच दल (एसआइटी) ने गुरुवार को चार और आरोपयिों को अदालत में पेश किया। स्थानीय प्रथम एसीएएम न्यायाधीश ने उन्हें 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।


पुलिस ने गुरुवार को जिन चार आरोपियों को अदालत में पेश किया, वे सभी के .एस भगवान की हत्या की साजिश रचने के मामले में भी शामिल थे। लंकेश हत्यांकांड की जांच के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी से यह बात उजागर हुई थी।
एसआइटी ने प्रवीण, अमोल काळे, अमित देगवेकर और मनोहर एड़वे को अदालत के सामने पेश किया और पूछताछ के लिए उनकी रिमांड की मांग की। अदालत ने उसे स्वीकार करते हुए 14 दिन की रिमांड मंजूर कर दी।


इस मामले में एसआइटी अब तक केटी नवीन कुमार, सुजीत कुमार, अमोल काले, अमित देगवेकर, मनोहर एड़वे और परशुराम वाघमारे को गिरफ्तार कर चुकी है। एसआइटी ने परशुराम की मां और अन्य रिश्तेदारों को भी पूछताछ के लिए बेंगलूरु आने का नोटिस जारी किया है। एसआईटी ने अमोल काले को २१ मई को दावणगेरे में साहित्यकार के.एस भगवान की हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

पुणे के इंजीनियर ने रची हत्या की साजिश
पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की साजिश पुणे के एक इंजीनियर ने रची थी। उसकी पहचान अमोल काले (३७) के रूप में हुई है और एसआइटी ने उसे पिछले माह दावणगेरे में साहित्यकार के.एस भगवान की हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था।


जांचकर्ताओं को पूछताछ से पता चला है कि अमोल काले समान विचारधारा वाले लोगों को एकजुट कर रहा था और दक्षिण पंथी विचारधारा का विरोध करने वालों की हत्या की साजिश रचता था। काले ने ही तीन दिन पहले गिरफ्तार किए गए परशुराम वाघमारे को महाराष्ट्र और कर्नाटक की सीमा पर गोली चलाने का प्रशिक्षण दिया था। अमित देगवेकर को छोड़ सभी आरोपियों को गौरी लंकेश की हत्या के बारे में पूरी जानकारी है।


एसआइटी का कहना है कि अमित ने गौरी लंकेश की हत्या के लिए सतारा और बेलगावी में कई जगहों पर योजना बनाई। वह नायंाडहल्ली में एक किराए के मकान में रहा। उसने हत्या की योजना बानने के बाद ३ सितंबर को परशुराम को बुलाया था। परशुराम को अन्ना नामक एक व्यक्ति साथ लेकर बेंगलूरु आया था। तीनों ५ सितंबर २०१७ (वारदात के दिन) की शाम राज राजेश्वरी नगर स्थित गौरी लंकेश के निवास के पास पहुंचे और उसके आने की प्रतीक्षा करनेे लगे। फिर परशुराम को हत्या करने भेजा गया।


परशुराम ने गौरी पर गोलियां चलाईं। पहला गौरी निशाना चूक गया और गोली दीवार में लगी। लेकिन परशुराम ने इसके बाद तीन और गोलियां गौरी लंकेश पर चलाईं। फिर वहां प्रतीक्षा कर रहे अमोल काले के साथ नायंडहल्ली चला गया। अगले दिन परशुराम को सिंदगी भेजा गया। दो दिन बाद अमोल काले और अन्ना भी मकान खाली कर चले गए। अन्ना का अभी तक पता नहीं चला है।


वारदात से पूर्व परशुराम कई दिनों तक सुंकदकट्टे में एक रीयल एस्टेट एजेंट सुरेश के किराए के मकान में रहता था। आरोपियों से जब्त मोबाइल फोन में सुरेश के नंबर का पता लगा था। एसआइटी ने इस नंबर पर सुरेश का पता लगाकर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। परशुराम की तस्वीर दिखाने पर सुरेश ने बताया कि वह किराए पर रहता था।

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