मात्र 46 मिनट में ही करनी होगी घटस्थापना

चित्रा नक्षत्र व वैधृति योग के कारण नहीं है कोई मुहूर्त

By: Yogesh Sharma

Published: 06 Oct 2021, 07:27 AM IST

बेंगलूरु. इस बार शारदीय नवरात्र 7 अक्टूबर से शुरू होंगे। गुरुवार से शुरू होने वाले नवरात्र का उत्थापन भी गुरुवार को ही होगा। नवरात्र इस बार 8 दिन के रहेंगे, चतुर्थी तिथि का क्षय होने से 9 की वजह 8 दिन के नवरात्र रहेंगे। नवरात्र-अष्टमी 13 अक्टूबर को, नवमी 14 अक्टूबर को और दशहरा 15 अक्टूबर को मनाया जाएगा। घट स्थापना का मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त में ही होगा, अन्य कोई मुहूर्त नहीं है। कलश स्थापना भी अभिजीत मुहूर्त में 7 अक्टूबर को दोपहर 11:52 से 12:38 मिनट तक रहेगी। इस समय देवी की पूजा अर्चना के साथ कलश स्थापना की जा सकेगी। नवरात्र ७ से चित्रा नक्षत्र व वैधृति योग के अभिजीत मुहूर्त में होगी घट स्थापना।
आमजन के लिए शुभ नहीं
पंडित तेज प्रकाश दवे के अनुसार इस बार माता डोली पर सवार होकर आएगी। डोली पर माता का आगमन देश-दुनिया और आमजन के लिए शुभ नहीं माना जाता है। पृथ्वी के कई हिस्सों में राजनीतिक हलचल होगी, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से जनधन की हानि होने की आशंका होगी। वहीं राजनीतिक पार्टियों में बड़ा उथल पुथल देखने को मिल सकता है। कई नेताओं की सत्ता जा सकती है। किसी रोग और महामारी का प्रकोप भी बढ़ सकता है। नवरात्र पर देवी का आह्वान स्थापना एवं पूजन का समय प्रात: काल दिया गया है। किंतु प्रतिपदा के दिन चित्रा व वैधृति योग को वर्जित बताया गया है। इस बार नवरात्र के दिन चित्रा नक्षत्र रात 9=13 तक एवं वैधृति योग रात 1:39 तक रहेगा। इस कारण शारदीय नवरात्र में घट स्थापना का समय दोपहर 11:52 से 12:38 बजे तक अभिजीत मुहूर्त में ही सर्वश्रेष्ठ रहेगा।

मात्र 46 मिनट में ही करनी होगी घटस्थापना

सुसवाणी धाम में नवरात्र महोत्सव कल से
रविवार को पदयात्रा एवं भक्ति संध्या
बेंगलूरु. सुराणा संघ एवं भंवरीबाई घेवरचंद सुराणा चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में होसूर रोड स्थित सुसवाणी माता धाम में 7 से 14 अक्टूबर तक नवरात्र महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव के प्रथम दिन तीर्थ निर्माता दिलीप-अर्चना सुराणा द्वारा शुभ मुहूर्त में घटस्थापना का विधान होगा। महोत्सव के दूसरे दिन सुसवाणी माता भक्त मंडल की ओर से माताजी का जन्मोत्सव भक्ति व आस्था से मनाया जाएगा। नवरात्र के चौथे दिन रविवार को नारायण हृदयालया से अत्तिबेले स्थित सुसवाणी माता धाम तक करीब 6 किलोमीटर पैदल यात्रा का आयोजन किया जाएगा।
सुबह 7:00 बजे पदयात्रा शुरू होगी।
संघ के महामंत्री भीमराज सुराणा ने बताया की यात्रा प्रारंभ स्थल पर यात्रिकों को किट वितरण होगा और ढोल शहनाई के साथ पैदल संघ रवाना होगा। संघ के अध्यक्ष महीपाल सुराणा ने बताया कि रविवार शाम मुंबई के मशहूर गायक निकेश बरलोटा भक्ति गीत प्रस्तुत करेंगे। भक्ति संध्या के मुख्य प्रायोजक पूर्व विधायक निर्मल कुमार, आदित्य सुराणा व अन्य सह प्रायोजक लाभार्थी हैं। शहर के विभिन्न उपनगरों से धाम स्थल तक आवागमन के लिए मध्याह्न में बसों की व्यवस्था की गई है। महोत्सव के अंतिम दिन नवमी को पूर्णाहूति एवं कन्या पूजन का कार्यक्रम होगा। गौरतलब है की माता धाम में कुलदेवी सुसवाणी माता, पद्मावती माता, अंबे माता, सच्चियाय माता, लक्ष्मी माता की मनमोहक प्रतिमाएं प्रतिष्ठित हैं। धाम में ही महाकालेश्वर प्रतिकृति अत्तिबेलेश्वर शिवलिंग भी प्रतिष्ठित है।

मात्र 46 मिनट में ही करनी होगी घटस्थापना
Yogesh Sharma Reporting
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