मोदी के जनता कफ्र्यू को राज्य भर में अच्छी प्रतिक्रिया मिली

उधर,बेलगावी में भी जनता कफ्र्यू का असर व्यापक तौर पर देखा गया और शहर के सब्जी बाजार, रेलवे स्टेशन, बस स्टेंड तथा मछली बाजार तथा सडक़ों पर लोगों की नगण्य मौजूदगी देखी गई और पूरे शहर में व्यापारिक प्रतिष्ठान व यहां तक की होटलें,पेट्रोल पंप, किराना व फुटकर सामान की दुकाने व चाय की थडिय़ां तक बंद रही। उत्तर पश्चिम कर्नाटक परिवहन निगम की बस सेवाएं बंद रही और लोगों ने घरों से बाहर निकलने के बजाय कोरना वायरस को खत्म करने के लिए घरों में रहकर भगवान से प्रार्थना करने का विकल्प चुना। श्रमिकों को कोविड- 19 स

बेंगलूरु

देश भर में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने की मुहिम के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनता कफ्र्यू के आह्वान को राज्य भर में अच्छी प्रतिक्रिया मिली और लोगों ने स्वेच्छा से घर में बंद रहकर जनता कफ्र्यू को समर्थन दिया। इस दौरान राजधानी बेंगलूरु में तमाम व्यावसायिक प्रतिष्ठान, उद्योग-धंधे, स्कूल-कालेज, सार्वजनिक परिवहन सेवाएं, होटलें ,सिनेमाघर, बार- रेस्टोरेंट, फुटकर दुकाने ,चाय की थडिय़ां,आटो रिक्शा, टेक्सियां, मेट्रो रेल सेवा बंद रही और लोग घरों में ही दुबके रहे। रविवार को दिन भर राजधानी बेंगलूरु में सन्नाटा पसरा रहा।

इस दौरान शहर के अत्यंत भीड़ भाड़ वाले मेजेस्टिक बस अड्डे , रेलवे स्टेशन पर बहुत ही कम संक्या में लोग नजर आए और शहर के चिकपेट,जयनगर, बनशंकरी, आरटी नगर, हेब्बाल, शिवाजीनगर, सहित अन्य इलाके में अभूूतपूर्व बंद रहा। रेलवे स्टेशन व बस स्टेंड पर बाहर से आने वाले यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। प्रधानमंत्री नोदी के आङ्वान पर शाम 5 बजे लोगों ने अपने घरों की बालकानियों में खड़े होकर थाली, घंटी, शंख, तालियां बजाकर कोरोना से लडऩे वाले वारीयर्स के प्रति आभार जताया।

उधर, कलबुर्गी शहर में सडक़ें व बाजार सूने पड़े रहे और लोगों ने कोरोना वायरस से लडऩे के लिए मोदी के जनता कफ्र्यू के प्रति जबरदस्त प्रतिक्रिया व्यक्त की। शहर के केन्द्रीय बस अड्डे, सुपर मार्केट तथा रेलवे स्टेशन पर आम दिनों की तरह किसी तरह की भीड़ भाड़ नहीं रही और लोगों ने कफ्र्यू के दिशा निर्देशों का अक्षरश: पालन किया। जिले में चलने वाली निजी बसें व अधिकतर आटो रिक्शा सडक़ों से नदारद रहे और अधिकारियों ने सोलापुर सेन्ट्रल तथा सिटी रेलवे स्टेशन से शुरू होने वाली तमाम रेलगाडिय़ों को निरस्त कर दिया। जिला उपायुक्त बी. शरत ने स्वास्थ्य बुलेटिन में कहा कि मंगलवार से लेकर अब तक जिले में कोरोना वायरस संक्रमण का कोई नया केस सामने नहीं आया है पर घरों में पृथक करके लोगों की संख्या 763 से बढक़र 811 तक पहुंच गई है।

उधर प्रदेश के तटीय शहर मेंगलूरु व उडुपी जिलों में आम जन जीवन ठप रहा और लोगों ने कोरोना वायरस के नियंत्रण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनता कफ्र्यू के आह्वान को समर्थन दिया। बंदरगाह शहर मेंगलूरु में सडक़ें सूनी रहीं और तमाम दुकानें व व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने अपने शटर बंद रखे।सडक़ों से तमाम प्रकार के निजी व सरकारी वाहन नदारद रहे। चर्चों में रविवार की सभाएं निरस्त कर दी गई और शहर में अधिकतर मंदिरों के कपाट नहीं खुले। शहर की सडक़ों पर कचरा निपटान के लिए कार्यरत सफाईकर्मियों व पुलिसकर्मियों के अलावा अन्य लोग शहर की गलियों में नजर ही नहीं आए। शहर के सेन्ट्रल मार्केट व स्टेट बैंक इलाके के मछली बाजार में किसी तरह की रौनक नहीं रही। राष्ट्रीय राजमार्ग व जिलों की प्रमुख सडक़ें लगभग खाली रही क्योंकि कफ्र्यू के समर्थन में लोग अपने अपने घरों में दुबके रहे। जिले में चलने वाली निजी बसें तथा अधिकतर आटो रिक्सा सडक़ों पर नजर नहीं आए। इतना ही नहीं, मेंगलूरु सेन्ट्रल तथा मेंगलूरु जंक्शन से चलने वाली तमाम रेलगाडिय़ां निरस्त कर दी गई।

उधर,बेलगावी में भी जनता कफ्र्यू का असर व्यापक तौर पर देखा गया और शहर के सब्जी बाजार, रेलवे स्टेशन, बस स्टेंड तथा मछली बाजार तथा सडक़ों पर लोगों की नगण्य मौजूदगी देखी गई और पूरे शहर में व्यापारिक प्रतिष्ठान व यहां तक की होटलें,पेट्रोल पंप, किराना व फुटकर सामान की दुकाने व चाय की थडिय़ां तक बंद रही। उत्तर पश्चिम कर्नाटक परिवहन निगम की बस सेवाएं बंद रही और लोगों ने घरों से बाहर निकलने के बजाय कोरना वायरस को खत्म करने के लिए घरों में रहकर भगवान से प्रार्थना करने का विकल्प चुना। श्रमिकों को कोविड- 19 से लडऩे के लिए सडक़ों, बस अड्डों, मंदिरों, आद स्थानों की सफाई करते देखा गया।

Surendra Rajpurohit Reporting
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