मोहम्मद नलपाड मामले पर घिरी सरकार

मोहम्मद नलपाड मामले पर घिरी सरकार

Sanjay Kumar Kareer | Publish: Feb, 20 2018 09:18:37 PM (IST) Bangalore, Karnataka, India

दोनों सदनों में विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव खारिज

बेंगलूरु. विधानमंडल के दोनों सदनों में सरकार को मोहम्मद नलपाड के मामले में विपक्ष का आक्रोश झेलना पड़ा। मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरु होते ही नेता प्रतिपक्ष जगदीश शेट्टर ने कार्यस्थगन प्रस्ताव की मांग करते हुए कहा कि यह गंभीर मामला है। आम जनता के मन में सुरक्षा को लेकर भय पैदा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने इस मामले में लिप्त विधायक एनए हैरिस के पुत्र मोहम्मद नलपाड को बचाने का हरसंभव प्रयास किया। राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते पुलिस हतोत्साहित हो रही है।

विधानसभा में इस मामले को लेकर स्थगन प्रस्ताव के बदले नियम 69 के तहत चली बहस के पश्चात गृहमंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई करने में थोड़ी देरी हुई लेकिन कानून के तहत ही कार्रवाई की गई है। आरोपी के विधायक का पुत्र होने के बावजूद मामले में लिप्त सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी में देरी करने पर दो पुलिस अधिकारियों में से एक को निलंबित और दूसरे को स्थानांतरित किया गया है। पीडि़त विद्वत के खिलाफ मामला दर्ज करने वाले पुलिस अधिकारी को भी निलंबित किया गया है। मोहम्मद नलपाड तथा अन्य आरोपियों पर आईपीसी की धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया गया है। गृहमंत्री ने कहा कि कर्नाटक में कानून व्यवस्था बेहतरीन है। लिहाजा जनता को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। एक मामले से राज्य में सुरक्षा व्यवस्था खत्म होने के आरोप गलत हैं।

इस बीच विपक्ष के नेता शेट्टर ने के.आर.पुरम विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष कलकेरे नारायणस्वामी द्वारा 16 फरवरी को बीबीएमपी कार्यालय में पेट्रोल छिड़क कर आग लगाने के प्रयास का मामला उठाया तो गृहमंत्री ने कहा कि शहर पुलिस आयुक्त को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के.एस.ईश्वरप्पा ने इस मामले में स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते राज्य में गुंडागर्दी को प्रोत्साहन मिल रहा है। विद्वत के मामले में पुलिस ने अन्याय करते हुए मार खाने वाले विद्वत पर ही मामला दर्ज कर दिया है। सरकार सदन को बताए कि किसके निर्देश पर विद्वत के खिलाफ मामला दर्ज किया गया? जद (ध) के नेता बसवराज होरट्टी ने कहा कि राज्य सरकार को इस मामले में कड़ी कार्रवाई कर जनता को संदेश देना होगा की राज्य में कोई भी व्यक्ति कानून से परे नहीं है।

भाजपा के सदस्य शाणप्पा ने कहा कि मोहम्मद नलपाड जैसे घातक व्यक्ति को राज्य की सीमा से तडीपार किया जाना चाहिए। भाजपा के लहरसिंह ने गृहमंत्री रामलिंगा रेड्डी के रुख पर आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि आपराधिक मामलों को लेकर थानों में आपसी समझौते से मामले निरस्त करना कैसे संभव है? जैसे गृहमंत्री दावा कर रहे हैं यह कोई छोटा मामला नहीं है।

विपक्ष के सदस्य तथा गृहमंत्री रामलिंगा रेड्डी के तर्क के पश्चात सभापति ने इस मामले को लेकर भाजपा का स्थगन खारिज करते हुए सदन में नियम 68 के तहत बहस की अनुमति देने की व्यवस्था दी।

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