जातिवार गणना रिपोर्ट पेश करने का साहस जुटाए सरकार : विश्वनाथ

वर्ष 2015 में हुए इस राज्यव्यापी सर्वे पर 162 करोड़ रुपए खर्च

By: Sanjay Kulkarni

Published: 05 Feb 2021, 06:14 AM IST

बेंगलूरु. विधान परिषद में भाजपा के सदस्य एएच विश्वनाथ ने अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि सरकार राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की जातिवार गणना रिपोर्ट सदन में पेश करने का साहस जुटाए। प्रश्नकाल के दौरान जब सदस्य केपी नंजुडी के जवाब में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री कोटा श्रीनिवास पुजारी ने कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग ने अभी तक रिपोर्ट राज्य सरकार को नहीं सौंपी है।

इस पर विश्वनाथ ने कहा कि वर्ष 2015 में हुए इस राज्यव्यापी सर्वे पर 162 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इससे पहले सिद्धरामय्या तथा उसके पश्चात कुमारस्वामी सरकार ने रिपोर्ट को सदन में पेश करने का साहस नहीं जुटाया। मौजूदा सरकार को यह रिपोर्ट सदन में पेश करना चाहिए। ऐसा करने पर राज्य के विभिन्न समुदायों के साथ सामाजिक न्याय हो सकेगा।इससे पहले मंत्री कोटा श्रीनिवास पुजारी ने सदन को बताया कि राज्य में विश्वकर्मा समुदाय के लोगों की आबादी कितनी है इसकी जानकारी सरकार के पास नहीं है।

वर्ष 2015 में राज्य में जातिवार सर्वे की गई है। यह रिपोर्ट पेश होने पर ही ऐसी जानकारी मिल सकती है।मंत्री के इस जवाब से असहमत केपी नंजुडी ने कहा कि उन्होंने पिछले पांच वर्ष में कई बार यह सवाल पूछा लेकिन किसी भी सरकार के कार्यकाल में जवाब नहीं मिला। इस दौरान कई अन्य सदस्यों ने नंजुडी की मांग का समर्थन करते हुए रिपोर्ट सदन में रखने की मांग की।

भाजपा के एएच विश्वनाथ ने नंजुडी की इस मांग का समर्थन करते हुए राज्य सरकार को रिपोर्ट पेश करने की हिदायत दी।पुजारी ने कहा कि वे इस मामले को लेकर शीघ्र ही मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा तथा राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जयप्रकाश हेगड़े के साथ विचार-विमर्श करेंगे।

Sanjay Kulkarni Reporting
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