कृषि विभाग बनाएगा किसानों को उद्यमी

योजना पहले चरण में आठ जिलों में लागू

By: Sanjay Kulkarni

Published: 30 Sep 2020, 10:04 PM IST

बेंगलूरु. कृषि क्षेत्र में सुधार लाने के लक्ष्य को लेकर केंद्र तथा राज्य सरकार ने मौजूदा कानून में कुछ बदलाव किए हैं। इन बदलावों के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों के बीच ही कृषि विभाग ने किसानों के लिए कृषि उपजों पर आधारित औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन देने के लिए कृषि उद्यमी योजना की रूपरेखा तैयार की है।

कृषि मंत्री बीसी पाटिल के मुताबिक पहले चरण में 'कृषि नवोद्यमÓ नामक इस योजना को मैसूरु,मेंगलूरु, बेलगावी, कलबुर्गी, दावणगेरे, शिवमोग्गा, बल्लारी समेत राज्य के आठ जिलों में यह योजना लागू की जाएगी। दूसरे तथा तीसरे चरण में इस योजना का राज्य के सभी जिलों में विस्तार किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत कृषि उपजों के प्रसंस्करण पर जुड़ी इकाइयों की स्थापना के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

कृषि उपजों के विपणन की समस्या का समाधान

इस योजना के अंतर्गत कृषि विभाग की ओर से ऐसी इकाइयों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं मुहैया की जाएगी। कृषि संकाय में स्नातक तथा स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त करनेवाले युवाओं को ऐसी इकाइयां स्थापित कर किसान उद्यमी बनाना इस योजना का लक्ष्य है। केंद्र सरकार की स्टार्ट अप इंडिया की योजना के तर्ज पर कृषि विभाग ने यह योजना तैयार की है। इस योजना के कारण कृषि उपजों के विपणन की समस्या का समाधान होगा तथा किसानों को कृषि उपजों का वाजिब मूल्य प्राप्त होगा। कोरोना महामारी के कारण कई युवा बेरोजगार देहातों में पहुंच गए हैं। ऐसे युवाओं के लिए यह योजना संजीविनी साबित होगी। साथ में स्थानीय स्तर पर सैकड़ों रोजगारों का सर्जन होगा।

कृषिविद डॉ अय्यप्पा के नेतृत्व में गठित उच्चस्तरीय समिति ने इस योजना की रूपरेखा तैयार की है। इस योजना को लागू करने के लिए तैयारिया जारी हैं। वर्तमान में केवल कृषि विश्वविद्यालयों की प्रयोगशालाओं तक ही सीमित, कृषि संशोधनों को कृषि भूमि तक पहुंचाना इस योजना का दूसरा लक्ष्य है।ग्रीन हाउस फार्मिंग को प्रोत्साहनइस योजना के अंतर्गत ग्रीन हाउस फार्मिंग को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

कृषि संकाय में उच्च शिक्षा प्राप्त युवा केवल रोजगार प्राप्त करने का प्रयास नहीं करते हुए उद्यमी बन कर रोजगारों का सर्जन करें इसलिए यह योजना तैयार की गई है। इसके अलावा इस योजना के अंतर्गत कृषि क्षेत्र में मिट्टी का परीक्षण,कृषि उपजों का गुणात्मक वर्गीकरण, किसानों को ई मार्केटिंग की जानकारी देने के लिए किसान सहायता केंद्रों की भी स्थापना की जाएगी। कुल मिलाकर कृषि को घाटे का नहीं बल्कि मुनाफे का सौदा साबित करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

Sanjay Kulkarni Reporting
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