कोविड ड्यूटी पर सरकारी शिक्षक

- शिक्षण कार्य प्रभावित

By: Nikhil Kumar

Published: 21 Nov 2020, 11:08 PM IST

बेंगलूरु. प्रदेश में मंगलवार से डिग्री कॉलेज खुल चुके हैं। ऑफलाइन कक्षा के लिए विद्यार्थी भी पहुंचने शुरू हो गए हैं। लेकिन सैकड़ों सरकारी शिक्षक अब भी कोविड ड्यूटी पर हैं। ज्यादातर शिक्षक डोर-टू-डोर सर्वेक्षण में लगे हैं या फिर कोविड डेटा अपलोड कर रहे हैं। इनके लिए कॉलेज आना संभव नहीं है। बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने इन्हें विभिन्न जिम्मेदारियां सौंप रखी है। इनमें कई गैर शिक्षण कर्मचारी भी हैं।

वापस भेजने की अपील
ऐसे में कॉलेजिएट शिक्षा विभाग ने बीबीएमपी के प्रमुख और उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिख शिक्षकों सहित अन्य कर्मचारियों को भी शिक्षण कार्यों के लिए वापस भेजने की अपील की है।

डिजिटल लर्निंग के लिए सामग्री तैयार करने की जिम्मेदारी भी
सरकारी विज्ञान कॉलेज की एक व्याख्याता ने बताया कि कोविड ड्यूटी शाम तीन बजे समाप्त होती है। इसके बाद कॉलेज जाना संभव नहीं है। किसी तरह कॉलेज पहुंच भी जाए तो पढ़ाने के लिए विद्यार्थी नहीं होंगे। ऊपर से शिक्षा विभाग ने डिजिटल लर्निंग के लिए सामग्री तैयार करने की जिम्मेदारी भी सौंप रखी है। शिक्षा विभाग ऑनलाइन लर्निंग के लिए जल्द ही लर्निंग प्रबंधन प्रणाली जारी करने की तैयारी में है। शिक्षकों के कोविड ड्यूटी पर होने के कारण कॉलेज में मौजूद शिक्षकों पर अतिरिक्त बोझ है। फिलहाल आठ में से छह शिक्षक कोविड ड्यूटी पर हैं।

85 में से 60 व्याख्याता ही उपलब्ध
महारानी क्लस्टर विश्वविद्यालय के अंतर्गत महारानी विज्ञान कॉलेज के एक व्याख्याता ने बताया कि कोविड ड्यूटी कर रहे 25 में से चार व्याख्याताओं को ही कोविड ड्यूटी से मुक्त कर कॉलेज भेजा गया है। 85 में से 60 व्याख्याता ही फिलहाल कॉलेज में पढ़ा रहे हैं। फिलहाल थोड़ी राहत इसलिए है कि निर्णायक वर्ष के विद्यार्थी ही कॉलेज आ रहे हैं। वो भी सभी नहीं। विद्यार्थियों की संख्या बढऩे पर पढ़ाना संभव नहीं होगा।

अतिथि व्याख्याता नियुक्त करे सरकार
कॉलेजिएट शिक्षा विभाग के आयुक्त प्रदीप पी. ने बताया कि शिक्षकों को जल्द से जल्द उनके विभाग वापस लाने की पूरी कोशिश जारी है। सरकार को अतिथि व्यख्याताओं को नियुक्त करने का प्रस्ताव भी भेजा गया है।

शिक्षण कार्य हो प्राथमिकता
शिक्षक संघ की संस्थापक निदेशक माया मेनन ने कहा कि शिक्षकों की प्रमुख जिम्मेदारी विद्यार्थियों को पढ़ाना है। शिक्षण कार्य ही प्राथमिकता होनी चाहिए। कॉलेज खुलने के पहले कई शिक्षक खाली थे। ऐसे शिक्षकों को बिठाकर वेतन न देना पड़े इसके लिए सरकार ने इन्हें कोविड ड्यूटी पर लगा दिया। सरकार शिक्षकों के पेशे को काम आंक रही है जो भविष्य के लिए ठीक नहीं है।

Nikhil Kumar Reporting
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