कोरोना महामारी की आड़ में प्रशासनिक विफलताएं छिपाने का प्रयास : सिद्धू

सरकार का अधिकतर समय विधायकों की नाराजगी दूर करने में ही व्यतीत

By: Sanjay Kulkarni

Updated: 05 Feb 2021, 05:59 AM IST

बेंगलूरु. सरकार कोरोना महामारी के बहाने अपनी प्रशासनिक विफलताएं छिपाने का प्रयास कर रही है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सिद्धरामय्या ने यह बात कही।राज्यपाल के भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के बहस में उन्होंने कहा कि जब भाजपा के नेता पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर विपक्ष में थे तो उनकी (सिद्धरामय्या) सरकार पर बार-बार टेक ऑफ नहीं होने का आरोप लगाते थे।

जगदीश शेट्टर अब बताएं कि क्या येडियूरप्पा सरकार ने टेक ऑफ किया है या यह सरकार ही ऑफ हो गई है? उन्होंने कहा कि सरकार का अधिकतर समय विधायकों की नाराजगी दूर करने में ही व्यतीत होने से विकास की अनदेखी हो रही है। सरकार के पास विकास की स्पष्ट योजना ही नहीं है।उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में दूध उत्पादन बढऩे का श्रेय ले रही है। क्या भाजपा सरकार की योजना से उत्पादन बढ़ गया? वर्तमान सरकार कांग्रेस सरकार की योजनाओं के नाम बदलकर उन्हें अपनी उपलब्धि बता रही है। वास्तविकता यह है कि सरकार के पास नई योजनाओं के लिए राजस्व ही नहीं है।

कोषागार में जो राजस्व जमा हो रहा है इनमें से 90 फीसदी राशि सरकारी कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर खर्च हो रही है। ऐसे में विकास के लिए कहां से संसाधन जुटाएं जाएंगे इस सवाल का इस सरकार के पास कोई जवाब नहीं है।

वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी

बेंगलूरु. विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान अधिकारियों की दीर्घा में वरिष्ठ अधिकारियों की पर्याप्त मोजूदगी नहीं होने पर नेता प्रतिपक्ष सिद्धरामय्या ने आक्रोश व्यक्त किया।सिद्धरामय्या ने कहा कि अधिकारियों की अनुपस्थिति इस बात की द्योतक है कि इस सरकार की प्रशासन पर कोई पकड़ नहीं है। सदन में जब कोई महत्वपूर्ण कार्यवाही चलती है तब अपर प्रमुख सचिव स्तर के 10-12 अधिकारी उपस्थित होना अनिवार्य है लेकिन वरिष्ठ अधिकारी नदारद हैं।

उन्होंने कहा कि सदन में राज्यपाल के भाषण पर बहस हो रही है। ऐसी बहस के दौराव विपक्ष प्रशासन की कई खामियों को उजागर करता है ऐसे समय सदन में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य है। लेकिन अधिकारियों को सरकार का कोई डर नहीं होने के कारण वे सदन में मौजूद नहीं हैं। इससे राज्य सरकार के अस्तित्व पर ही सवालिया निशान लग गया है?

Sanjay Kulkarni Reporting
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