बीबीएमपी विधेयक के बारे में अध्यादेश जारी करेगी सरकार

मंत्रिमंडल की बैठक उन्होंने कहा कि क्रशर संशोधन विधेयक तथा पंचायत राज संशोधन विधेयकों को विधानसभा में पेश करके पारित कर दिया गया था पर इन विधेयकों को विधान परिषद में पेश करने का समय नहीं मिला। 30 जून तक क्रशरों के लायसेंसों की नवीनीकरण करना जरुरी है लिहाजा इस बारे में अद्यादेश जारी करने का निर्णय किया गया है। इसी तरह बीबीएमपी संशोधन विधेेयक को दोनों सदनों की संयुक्त प्रवर समिति के पास विचारार्थ सुपुर्द किया गया है लिहाजा इस बारे में भी अध्यादेश जारी करने का निर्णय किया है। भविष्य में प्रवर स

By: Surendra Rajpurohit

Updated: 27 Mar 2020, 09:36 PM IST

बेंगलूरु

राज्य सरकार ने समयाभाव के कारण विधानमंडल के बजट सत्र में पारित नहीं किए जा सके कर्नाटक क्रशर संशोधन विधेयक,पंचायत राज संशोधन विधेयक तथा बीबीएमपी संशोधन विधेयक के संबंध में अध्यादेश जारी करने का निर्णय किया है।

 

शुक्रवार को यहां मुख्यमंत्री बी.एस. येडियूरप्पा की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद केबिनेट के प्रवक्ता व राज्य के विधि व संसदीय कार्य मंत्री जे.सी. माधुस्वामी ने संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि क्रशर संशोधन विधेयक तथा पंचायत राज संशोधन विधेयकों को विधानसभा में पेश करके पारित कर दिया गया था पर इन विधेयकों को विधान परिषद में पेश करने का समय नहीं मिला। 30 जून तक क्रशरों के लायसेंसों की नवीनीकरण करना जरुरी है लिहाजा इस बारे में अद्यादेश जारी करने का निर्णय किया गया है। इसी तरह बीबीएमपी संशोधन विधेेयक को दोनों सदनों की संयुक्त प्रवर समिति के पास विचारार्थ सुपुर्द किया गया है लिहाजा इस बारे में भी अध्यादेश जारी करने का निर्णय किया है। भविष्य में प्रवर समिति की रिपोर्ट आ जाने के बाद सरकार इस संबंध में निर्णय कर लेगी।

 

उन्होंने बताया कि बैठक में कल्याण कर्नाटक के विकास को दृष्टिगत रखकर संबंधित जिलों में प्रभारी समितियों का गठन करने का निर्णय किया गया है। जिला प्रभारी मंत्री इन समितियों का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि कर्नाटक राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा सीधी भर्ती किए जाने के दौरान उम्मीदवारों के दस्तावेजों की समग्र जांच करने की जिम्मेदारी आयोग से छीनकर संबंधित विभागों को सौंपने का निर्णय किया गया है। सीधी भर्ती कर दिए जाने के बाद संबंधित विभाग ही दस्तावेजों का समग्र निरीक्षण करेंगे। दस्तावेजो के निरीक्षण के कारण नियुक्तियों में हो रहे विलंब के कारण यह निर्णय किया गया है।

 

माधुस्वामी ने कहा कि मछुआरों के लिए आवास निर्मित करने के लिए बनाई गर्इ मत्स्योसव योजना को राजीव गांधी आवासीय निगम से वापस लेकर मतस्य विभाग की तरफ से लागू करने का निर्णय किया गया है। योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में आवास निर्माण के लिए 2 लाख रुपए तथा ग्रामीण इलाकों में 1.75 लाख रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। इस योजना के लिए 39.69 करोड़ रुपए जारी करने का मंत्रिमंडल ने निर्णय किया है।

 

उन्होंने कहा कि मंड्या स्थित मैसुगर चीनी कारखाने को 40 सालों के ठेके पर देने का निर्णय किया गया है। ई. प्रोक्योरमेन्ट के जरिए निविदाएं मंगवाकर इस चीनी मिल को निजी क्षेत्र को सौंपकर गन्ने की पेराई शुरू की जाएगी। कुछ शर्तों के आधार पर इस कारखाने को निजी क्षेत्र के हाथों में सौंप दिया जाएगा। इसी तरह कारवार बंदरगाह पर तत्काल आग बुझाने के लिए उपकरणों की खरीद के लिए 619 करोड़ रुपए जारी करने का निर्णय किया गया है।

 

उन्होंने कहा कि घाटे में चल रही सरकारी कंपनियों और कारखानों को बंद करने के बाद उसमें काम करने वाले कर्मचारियों को दूसरे विभागों में समायोजित नहीं किया जाता है पर मैसूरु लेम्प्स कंपनी के कामगारों को दूसरे विभागों में नियोजित करने का निर्णय किया गया है। उन्होंने कहा कि कलसा- बंडूरी नाला परियोजना की लागत का परिष्करण करके अब इसकी लागत को 791 करोड़ रुपए तक बढ़ाने का प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

Surendra Rajpurohit Reporting
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