अब निजी प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सक बच नहीं सकते

Govt doctors will not be allowed to private practice, निजी प्रैक्टिस करने वाले सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों को बर्खास्त किया जाएगा।

By: Santosh kumar Pandey

Published: 09 Sep 2019, 07:46 PM IST

बेंगलूरु. स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री बी. श्रीरामुलु ने चेतावनी दी है कि निजी प्रैक्टिस करने वाले सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों को बर्खास्त किया जाएगा।

श्रीरामुलु ने सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल के साथ कृष्णा में मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा से भेंट के उपरांत बताया कि सरकारी चिकित्सकों के निजी क्लिनिक चलाने से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के रोगियों के हितों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। ऐसी शिकायतें मिली हैं कि ये चिकित्सक निजी प्रेक्टिस के चक्कर में अस्पताल से गैरहाजिर रहते हैं।

सरकारी चिकित्सकों को सरकारी काम में ध्यान देना चाहिए और सरकारी अस्पतालों में आने वाले रोगियों का उपचार तत्परता से करना चाहिए।

अब निजी प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सक बच नहीं सकते

उन्होंने कहा कि नौकरी के कर्तव्यों की उपेक्षा करने वाले चिकित्सकों की हरकतें बर्दाश्त नहीं होंगी। सरकारी अस्पतालों की स्थिति में सुधार लाने के लिए वे स्वयं रात को अस्पतालों में ठहरकर वहां के हालात जानेंगे। इसके लिए कुछ अस्पतालों की सूची बनाई गई है, जहां वे रात में जाकर ठहरेंगे और अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता में सुधार लाने के कदम उठाएंगे।

नए नियम और भारी जुर्माने का विरोध
श्रीरामुलु ने यातायात नियमों को सख्त करने और भारी भरकम जुर्माना वसूलने का विरोध करते हुए कहा कि इससे आम जन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस वाले जहां चाहे, वहीं वाहन चालकों को पकडक़र उनसे जुर्माना वसूल रहे हैं। गरीब व मध्यम वर्ग के अधिकतर लोग दुपहिया वाहनों पर आते-जाते हैं। भारी भरकम दंड लगाने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। इस संबंध में उन्होंने गृहमंत्री बसवराज बोम्मई के साथ भी चर्चा की है।

Santosh kumar Pandey Desk
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