अतिथि व्याख्याताओं की मदद के लिए आगे आए स्थायी व्याख्याता

एक दिन का वेतन देने की घोषणा, राज्य में आठ अतिथि व्याख्याता कर चुके हैं आत्महत्या

By: Sanjay Kulkarni

Updated: 02 Jul 2020, 08:26 PM IST

बेंगलूरु. राज्य के विभिन्न सरकारी, अनुदानित तथा गैर अनुदानित स्नातक कॉलेजों में कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं को चार माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। ऐसे में इन व्याख्याताओं की मदद के लिए स्थाई व्याख्याताओं ने एक दिन का वेतन देने की घोषणा की है।स्थायी व्याख्याता संघ के अध्यक्ष ए.एच.निंगेगौडा ने बताया कि शैक्षणिक संस्थाएं ऐसे व्याख्याताओं को शैक्षणिक वर्ष के दौरान जून माह में नियुक्त कर फरवरी माह में अवकाश पर भेजती हैं।

इन व्याख्याताओं को केवल नौ माह का मानदेय दिया जाता है। इस वर्ष लॉकडाउन के कारण मार्च माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है।गत चार माह से मानदेय का भुगतान नहीं होने के कारण स्नातकोत्तर तथा पीएचडी पदवी धारी राज्य के 4 हजार से अधिक अतिथि व्याख्याताओं को जीवन निर्वाह करना मुश्किल हो रहा है। इस विषम परिस्थिति के कारण राज्य के विभिन्न जिलों में आठ अतिथि व्याख्याताओं ने खुदकुशी कर ली है।

माध्यमिक स्कूलों में भी अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति राज्य के सरकारी कॉलेज तथा गैर अनुदानित कॉलेज के साथ-साथ अब माध्यमिक स्कूलों में भी अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। ऐसे शिक्षकों को केवल नाम के लिए मानदेय देकर सेवाएं ली जा रही हैं। स्थाई शिक्षकों के वेतन के खर्च तथा अन्य सुविधाओं की झंझट से मुक्ति पाने के लिए सरकारी तथा निजी क्षेत्र की शिक्षा संस्थाओं में अब स्थाई व्याख्याता तथा शिक्षकों के बदले अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है।

Sanjay Kulkarni Reporting
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