ज्ञानमुनि के व्याख्यान एवं प्रेरणाएं अविस्मरणीय रहेंगी

चातुर्मास विदाई समारोह में छलके आंसू

बेंगलूरु. अक्कीपेट स्थित वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ स्थानक भवन में पण्डितरत्न ज्ञानमुनि आदि ठाणा के चातुर्मास विदाई समारोह में श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। वहां उपस्थित लोगों की आंखों में आंसू छलक उठे। ज्ञानमुनि ने चातुर्मास को साधु-साध्वी के 10 कल्प में से प्रमुख कल्प बताते हुए कहा कि चातुर्मास धर्म आराधना में अभिवृद्धि का श्रेष्ठ अवसर होता है। चातुर्मास में चतुर्विध संघ में ज्ञान दर्शन चारित्र और तप की मोक्ष मार्ग की साधना में अभिवृद्धि के साथ ही व्यवहार धर्म में दान शील तप और शुभ भावना में भी विशेष वृद्धि होती है। चातुर्मास को धर्म ध्यान का प्रमुख उत्सव कहा जा सकता है। उन्होंने श्रावक-श्राविकाओं को चातुर्मास के पश्चात भी बाकी के आठों महीने धर्म आराधना में निरंतर गतिमान रखने का आह्वान किया। लोकेशमुनि ने गुरुदेव की शिक्षाओं को जीवन भर अपनाने की आवश्यकता जताते हुए जीवन हर कार्य में धर्म को सबसे प्रमुख स्थान पर रखने की प्रेरणा दी। साध्वी पुनीतज्योति की मंगल उपस्थिति रही। चातुर्मास के मुख्य लाभार्थी एवं संघ अध्यक्ष सम्पतराज बडेरा ने विदाई के विरह से रुंधे हुए कंठ के साथ ज्ञानमुनि की रोचक व्याख्यान शैली एवं प्रेरक प्रवचनों का वर्णन करते हुए कहा कि आप की शिक्षाएं अक्कीपेट संघ जीवन भर नहीं भूल पाएगा। पूर्व अध्यक्ष पारसमल सालेचा राजकमल ने कहा कि हम सबकी पिछले कई वर्षों से भावना थी कि अनुभव के धनी ज्ञानमुनि का चातुर्मास अक्कीपेट संघ में हो और वह भावना इस वर्ष फलीभूत हुई। संघ मंत्री मोतीलाल ढेलडिय़ा ने 'हम से यूं मुँह मोड़ के, जाओ ना गुरुदेवÓ गीतिका के माध्यम से मुनि मंडल से शीघ्र पधारने की विनती की। संघ उपाध्यक्ष प्रकाशकरण संचेती मेहता ने विभिन्न समितियों में सहयोग करने वाले कार्यकर्ताओं की सराहना की। नवयुवक मंडल के अध्यक्ष प्रवीण लुंकड़ ने चातुर्मास में युवा वर्ग में एक नई चेतना जागृत होने का जिक्र किया। सहमंत्री विनोद भुरट ने चंद दिनों का साथ जो पाया, छोड़ चले क्यों गुरुवरजी.. की मार्मिक प्रस्तुति देते हुए कहा कि ज्ञानमुनि में आचार्य सम्राट आनंदऋषि एवं आचार्य हस्ती इन दोनों महापुरुषों की छवि झलकती है। महिला मंडल की ओर से संतोष बाफना ने गुरुदेव छोड़कर हमको, तुम क्यों जा रहे हो एवं अनामिका लुंकड़ ने व्रत प्रत्याख्यान ग्रहण करने के उद्गार व्यक्त किए। सहमंत्री सुरेश कानूंगा, युवा मंत्री कांतिलाल सालेचा, पूर्व युवा अध्यक्ष कल्याण श्रीश्रीमाल, अशोक नागोरी, पिंकी लूणिया, लीलाबाई लुंकड, पूनम बाफना, अरविन्द कानूंगा, कमलेश सालेचा, निर्मल लुंकड, गौतमचंद बागरेचा ने भी उदगार व्यक्त किए।

Yogesh Sharma
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