हारे तो एक-दूसरे पर ठीकरा फोडऩे की तैयारी

हारे तो एक-दूसरे पर ठीकरा फोडऩे की तैयारी

Santosh Kumar Pandey | Publish: May, 04 2019 04:58:19 PM (IST) | Updated: May, 04 2019 04:58:20 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

आम चुनाव के परिणाम घोषित होने से पहले ही कांग्रेस व जनता दल-एस के नेताओं के बीच बयानों की जंग शुरू हो गई है। दोनों दलों के नेता आम चुनाव के परिणामों के प्रति शंका, संभावनाओं को लेकर एक-दूसरे पर वार-पलटवार कर रहे हैं।

बेंगलूरु. आम चुनाव के परिणाम घोषित होने से पहले ही कांग्रेस व जनता दल-एस के नेताओं के बीच बयानों की जंग शुरू हो गई है। दोनों दलों के नेता आम चुनाव के परिणामों के प्रति शंका, संभावनाओं को लेकर एक-दूसरे पर वार-पलटवार कर रहे हैं।

जद-एस नेता तुमकूरु, मंड्या तथा हासन में स्थानीय कांग्रेस नेताओं का अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने की बात कर रहे हैं तो कांग्रेस नेता मैसूरु-कोड़ुगू लोकसभा क्षेत्र में जद-एस की सोची समझी निष्क्रियता पर सवाल उठा रहे हैं।
हाल में जद-एस के नेता उच्च शिक्षा मंत्री जीटी देवगौड़ा ने एक बयान में कहा भी था कि मैसूरु-कोड़ुगू क्षेत्र में पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को गठबंधन पसंद नहीं आया। ऐसे कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के लिए प्रचार नहीं किया है और मत भी नहीं दिया है। मंत्री के इस बयान के बाद गठबंधन के साथियों के बीच जुबानी जंग तेज हो रही है। मंड्या लोकसभा क्षेत्र में स्थानीय कांग्रेस नेताओं की निष्क्रियता पर मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने प्रहार किया है। ऐसे नेताओं पर निशाना साधने के लिए ही हाल में इन नेताओं की सुमालता अंबरीश की ओर से आयोजित डिनर पार्टी का वीडियो कर वायरल किया जा रहा है।

मंड्या में कांग्रेस नेताओं की ओर से गठबंधन के प्रत्याशी निखिल गौड़ा के बदले निर्दलीय प्रत्याशी सुमालता अंबरीश का परोक्ष समर्थन किए जाने से मुख्यमंत्री नाराज हैं। जिले के कांग्रेस नेता चलुवरायस्वामी, नरेंद्र स्वामी के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस इकाई की ओर से कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर भी जद-एस ने नाराजगी व्यक्त की है।
उधर, मंड्या जिले के कांग्रेस नेताओं को जद-एस नेताओं से कोई तवज्जो नहीं मिलने से ये नेता प्रचार से दूर रहे थे। प्रचार के दौरान जिले के केआरनगर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की रैली में भी जिले के कई कांग्रेस नेताओं ने दूरी बनाई रखी थी।

कुल मिलाकर मंड्या, तुमकूरु, हासन और मैसूरु-कोड़ुगू संसदीय क्षेत्रों को लेकर दोनों दलों की धारणा यह है कि यदि जीत हासिल हुई तो अपनी वाहवाही करेंगे और अगर परिणाम प्रतिकूल रहे तो गठबंधन के साथी पर ठीकरा फोड़ा जाएगा।

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