कोरोना पीडि़तों के लिए आगे आया हरियाणा का परिवार, दान किए 22 लाख

कहते हैं किसी पीडि़त, परेशान, या दुखी व्यक्ति के आंसू पोछना ही ईश्वर की सच्ची भक्ति व सबसे बड़ा धर्म है।

By: Santosh kumar Pandey

Published: 28 Mar 2020, 10:19 PM IST

बेंगलूरु. कहते हैं किसी पीडि़त, परेशान, या दुखी व्यक्ति के आंसू पोछना ही ईश्वर की सच्ची भक्ति व सबसे बड़ा धर्म है। कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से मचे कोहराम के बीच हरियाणा के जिला महेन्द्रगढ़ के मूल निवासी डॉ. मुकेश कुमार जांगिड ने इसी धर्म का निर्वाह करते हुए हरियाणा व कर्नाटक में कोरोना से जंग के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में दोनों राज्यों में ग्यारह-ग्यारह लाख रुपए दान किए हैं। बेंगलूरु में व्यवसायरत डॉ. जांगिड़ यहां जांगिड़ ब्राह्मण समाज सेवा समिति, बेंगलूरु के अध्यक्ष हैं। उनके पुत्र पंकज व राहुल भी संकट की इस घड़ी में जरूरतमंदों को खाने-पीने का सामान घर-घर पहुंचा रहे हैं।

बता दें कि मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा ने कोरोना वायरस के संक्रमण को एक विकट स्थिति बताते हुए कोरोना से लडऩे के लोगों को आगे आने और दान करने की अपील की है।

अपील में उन्होंने कहा कि कोरोना की वजह से राज्य की जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं में सहायता के लिए लोगों को मानवीय आधार पर आगे आना चाहिए और स्वैच्छिक रूप से दान करना चाहिए।

इसी तरह यहां बसे राजस्थानी मूल के समाजसेवी भी कोरोना से बचाव के लिए दिल खोलकर दान कर रहे हैं। कोई मास्क वितरण कर रहा है तो कोई यह सुनिश्चित करने में लगा है कि लॉकडाउन की वजह से कहीं कोई भूखा न रह जाए।

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Santosh kumar Pandey Desk
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