कोरोना की चिकित्सा के लिए जिले में 1939 बैड आरक्षित

बगैर किसी रोग लक्षण भी कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि

By: Sanjay Kulkarni

Updated: 02 Aug 2020, 09:51 PM IST

हासन. जिले में कोरोना चिकित्सा केंद्र तथा निजी अस्पतालों में कोरोना की चिकित्सा के लिए विभिन्न आवासीय स्कूलों में 1939 बैड की व्यवस्था की गई है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सतीश कुमार ने यह जानकारी दी.यहां रविवार को उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल को कोविड केयर सेंटर में परिवर्तित किया गया है, वहां 400 बिस्तर हैं। 7 निजी अस्पतालों में 280 बिस्तर हैं। कृषि विवि के परिसर में 300 बिस्तर का कोविड केयर सेंटर बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि 20 दिन से जिले में प्रति दिन औसतन 100 कोरोना से संक्रमित मिलने के कारण जिला प्रशासन अतिरिक्त बिस्तरों की व्यवस्था कर रहा है। 12 मई को जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण का पहला मामला मिला था। उसके पश्चात जिले की सभी तहसीलों में मुंबई से लौटे लोगों के कारण संक्रमण तेजी से फैल गया।

उन्होंने कहा कि अब बगैर किसी रोग लक्षण भी कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि होने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। यह एक चिंता का विषय है। जिले में अभी तक 26 हजार 168 जनों के थ्रोट स्वाब का परीक्षण किया गया है जिसमें 1 हजार 933 जनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जिले के सभी कोविड चिकित्सा केंद्रों में चिकित्सा कर्मियों की संख्या पर्याप्त है।

प्याज की फसल को रोगों से किसान हलकान

बल्लारी. जिले के हरपनहल्ली तहसील के किसानों ने इस बार बडे पैमाने पर प्याज की फसल ली थी। लेकिन विभिन्न रोगों के कारण इस फसल की रक्षा के लिए कीटनाशकों की खरीदी पर खर्चे से परेशान किसानों ने इस फसल पर टै्रक्टर चलाकर फसल को नष्ट करने का फैसला किया है।बताया जा रहा है कि मई माह में प्याज की फसल की बुवाई की गई थी। जुलाई माह के तीसरे सप्ताह ने पर्याप्त सिंचाई के बावजूद यह फसल सूखने लगी है। कई किस्म की दवाइयों के छिड़काव का भी कोई असर नहीं होने के कारण किसानों ने इस फसल को ही नष्ट कर रहे हैं। एक एकड़ प्याज की फसल के लिए प्रति एकड़ 30 हजार रुपए का निवेश किया है।साथ में गत सप्ताह से दवाइयों पर किए गए हजारों रुपए खर्चे से किसान और परेशान है।

Sanjay Kulkarni Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned