स्वास्थ्य अच्छा तो जीवन सुखी

  • हम अपने आलस्य की वजह से योग एवं सही समय पर सही खानपान नहीं करते हैं, उसका दोष किसी और पर डालते हैं।

By: Ram Naresh Gautam

Updated: 25 Dec 2019, 04:29 PM IST

बेंगलूरु. नागौर जिला राजस्थान जैन परिषद के तत्वावधान में चल रहे शिविर के दूसरे दिन गुरु मां ने योग शिविर के साथ स्वस्थ जीवन के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि यदि हम स्वस्थ रहेंगे तभी माता-पिता, परिवार या समाज की सेवा कर पाएंगे। हम अपने आलस्य की वजह से योग एवं सही समय पर सही खानपान नहीं करते हैं, उसका दोष किसी और पर डालते हैं।

उन्होंने कहा कि लोगों को अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए और संयमित जीवनशैली अपनाते हुए योग करना चाहिए।

--------
प्रमाद छोड़कर आत्मा का उत्थान करें
बेंगलूरु. चामराजपेट जैन स्थानक में विराजित विनयमुनि ख्ींचन ने प्रवचन में कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में अवसर बार बार नहीं मिलते।

जो अवसर का सही सदुपयोग करते है वे ही अपने जीवन को सार्थक करते हैं। संसार के प्रमादी जीवों को द्रव्य ,क्षेत्र और काल का ध्यान रखना आवश्यक है। प्रेरणा प्रमादी जीवों के लिए ही दी जाती है, धर्मात्मा के लिए नहीं।

उन्होंने कहा कि अनादिकाल से जीव अज्ञान के वश में आकर विषयों और कषायों में प्रवृत्ति करता हुआ इस संसार में भटक रहा है।

सच्चे आत्म-स्वरुप का दर्शन न हो सकने के कारण अनादि-काल से इस जीव की दृष्टि विपरीत ही रही है। जीव की इस विपरीत दृष्टि के कारण ही उसे मिथ्यादृष्टि कहा जाता है ।

नेमीचंद दलाल ने बताया कि चार दिवसीय दोपहरीय गुणस्थान शिक्षण सत्र के द्वितीय दिवस में श्रावक-श्रविकाओं ने भाग लिया। संघ के महामंत्री सम्पतराज बाफऩा ने आभार जताया।

Show More
Ram Naresh Gautam Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned