हृदय अस्पताल में बढ़ेगी बिस्तरों की संख्या

-1000 बिस्तर करने का लक्ष्य
-इंफोसिस फाउंडेशन 50 करोड़ की लागत से बनाएगा 350 बिस्तर युक्त अस्पताल

By: Nikhil Kumar

Updated: 16 Oct 2020, 06:07 PM IST

बेंगलूरु. बेंगलूरु, मैसूरु व बेलगावी स्थित Jayadeva Institute of Cardiovascular Sciences and Research (जेआइसीएसआर) एंड रिसर्च पहुंचने वाले हृदय के मरीजों के प्रभावी उपचार के लिए बुनियादी ढांचे को बेहतर किया जाएगा। ब्ले प्रिंट तैयार है।

चिकित्सा शिक्षा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. के. सुधाकर ने बुधवार को कहा कि मुख्यमंत्री बी. एस. येडियूरप्पा की अगुवाई में मंगलवार को आयोजित जयदेव इस्ंटीट्यूट प्रबंधन समिति की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। एक सर्वेक्षण के अनुसार हृदय की बीमारी 25 फीसदी मौतों का कारण है।

बेंगलूरु के जेआइसीएसआर में बिस्तरों की संख्या मौजूदा 700 से हजार की जाएगी। यह देश का सबसे बड़ा हृदय अस्पताल होगा जिसमें एक ही छत के नीचे 1000 बिस्तर होंगे।

इंफोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष सुधा मूर्ति ने 50 करोड़ रुपए की लागत से पूरी तरह से सुसज्जित 350 बिस्तर वाले अस्पताल के निर्माण के लिए हामी भरी है। शुरुआत में उन्होंने केवल अस्पताल भवन के निर्माण की जिम्मेदारी ली थी। लेकिन वे सभी बुनियादी ढांचा भी प्रदान करेंगी।

डॉ. सुधाकर ने कहा कि चामराजगनर, मंड्या, मैसूरु, हासन और कोडुगू के मरीजों के लिए जेआइसीएसआर संजीवनी है। मरीजों की संख्या बढऩे के कारण बिस्तरों की संख्या 400 की जाएगी। एक और ऑपरेशन थिएटर स्थापित करेंगे।

कर्नाटक चिकित्सा परिषद ने अस्पताल परिसर में अनुबंध पर जमीन आवंटित करने की अपील की थी। जिसे मंजूर कर लिया गया है।

डॉ. सुधाकर ने बताया कि कल्याण कर्नाटक के लोगों के उपचार के लिए जेआदएमएस अस्पताल की तीसरी मंजिल पर जेआइसीएसआर की शाखा खोली गई है। ऑपरेशन भी जारी है। इसी के लिए एक नई इमारत को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। कल्याण कर्नाटक विकास कोष से 37 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। अच्छी तरह से सुसज्जित अस्पताल के निर्माण में दो वर्ष लगेंगे। तब तक एक और कैथ लैब स्थापित होगी।

कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय में प्रतिष्ठित एनआइवी लैब स्वीकृृत
डॉ. सुधाकर ने बताया कि केंद्र सरकार ने देश की चार दिशाओं में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआइवी) स्थापित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को पत्र लिख कर्नाटक और विशेषकर बेंगलूरु में एनआइवी खोलने की अपील की थी। केंद्र सरकार ने इसकी अनुमति प्रदान की है।
कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय में एनआइवी के लिए पांच एकड़ भूमि आवंटित की जाएगी। जल्द ही आवंटण प्रक्रिया पूरी होगी और निर्माण शुरू होगा।

Nikhil Kumar Reporting
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