तटीय कर्नाटक, मलनाड पर मेघों की वक्र दृष्टि

Shankar Sharma

Publish: Jun, 15 2018 05:01:17 AM (IST)

Bangalore, Karnataka, India
तटीय कर्नाटक, मलनाड पर मेघों की वक्र दृष्टि

तटीय कर्नाटक व मलनाड क्षेत्र में दक्षिण कन्नड़, उडुपी, कोड़ुगु, हासन तथा चिक्कमगलूरु जिलों मे गत 6 दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण यहां का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।

बेंगलूरु. तटीय कर्नाटक व मलनाड क्षेत्र में दक्षिण कन्नड़, उडुपी, कोड़ुगु, हासन तथा चिक्कमगलूरु जिलों मे गत 6 दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण यहां का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। जिले की तुंगा, भद्रा, लक्ष्मणतीर्थ तथा कावेरी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इन जिलों में भारी बारिश के कारण सडक़ें जलमग्न होने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है।


कोड़ुगु जिले के विराजपेट तहसील के पूजाकल्लू गांव के निकट लकड़ी से निर्मित अस्थायी पुल बह गया है, जिस कारण पूजाकल्लू तथा आस-पास के कई गांवों का संपर्क टूट गया है। तहसील प्रशासन ने सरकारी स्कूलों को दो दिनों का अवकाश घोषित किया है। दक्षिण कोड़ुगु के श्रीमंगला में एक ही दिन 320 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है।


चारमाडी घाट में भूस्खलन के कारण यातायात लगातार चौथे दिन ठप रहा। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण यहं सडक़ों पर फैली मिटट्ी तथा पेड़ हटाने में काफी परेशानी हो रही है। अभी भी यहां सैकड़ों यात्री फंसे हैं, जिनके लिए स्थानीय सेवा संगठन तथा आम लोग आहार तथा पानी आपूर्ति का प्रयास कर रहे हंै। इस बीच जिला प्रशासन ने धर्मस्थल के निकट उजरे गांव में बैरीकेड लगाकर चिकमगलूर से चारमाडी घाट की यातायात पर रोक लगा दी है। जिला प्रशासन के अनुसार पहाड़ी के छोटे जलप्रपातों से सडक़ पर गिर रहे पानी के कारण राहत कार्य में बाधा पहुंच रही है। इस बीच सडक़ पर गिरे पेड़ की टहनी को हटाने का प्रयास कर रहे केरल मूल का शरद कुमार नामक व्यक्ति भूस्खलन के बाद पानी के प्रवाह में बह गए।


हासन जिला प्रशासन के मुताबिक जिले में बारिश के कारण 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में आलू, तम्बाकू, अदरक, काफी की फसल तहस-नहस हो गई है। जिले के सकलेशपुर तहसील में सबसे अधिक बारिश हो रही है। वहीं कोडगु और चिक्कमगलूरु में ११ जून से सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। विशेषकर उत्तर तथा मध्य कोड़ुगु के अधिकांश हिस्सों में बारिश से हालात खराब हैं।

नापोकलू, भागमंडला, विराजपेट, हुडीकेरी, श्रीमंगला, शानतल्ली, नित्तूर, और पोन्नमपेट में सर्वाधिक बारिश हुई है। भागमंडला में सडक़ों पर पानी भर जाने से आम लोगों के लिए नाव चलाने की नौबत आ गई है।


मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष जनवरी से अब तक जिले में ८४७.०१ मिमी बारिश हुई है, जबकि पिछले वर्ष जनवरी से जून महीने के दौरान मात्र ४०६.६६ मिमी बारिश हुई थी। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में इस बार दोगुनी से ज्यादा बारिश हुई है। बारिश से हजारों एकड़ में कॉफी, अदरक और सुपारी की फसल को नुकसान पहुंचा है।


जलाशयों के जलस्तर में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
भारी बारिश के कारण कावेरी बेसिन के जलाशयों का जलस्तर रिकॉर्ड तेजी के साथ बढ़ता जा रहा है। तुंगभद्रा जलाशय में बुधवार को ५.३१ टीएमसी फीट पानी था जो गुरुवार को बढक़र ७.७५ टीएमसी पहुंच गया।
इसी प्रकार तुंगभद्रा में एक दिन में दो टीएमसी से ज्यादा पानी आया है। वहीं मैसूरु स्थित काबिनी जलाशय में गुरुवार दोपहर पानी का अंतर्वाह ३५००० क्यूसेक था

भूस्खलन से रेलमार्ग बाधित
मेसूरु मंडल के हासन-मेंगलूरु रेल खंड में श्रीवागिलु और सुब्रमण्य रोड रेलवे स्टेशन के बीच भूस्खलन से रेल यातायात बाधित हो गया। टे्रन संख्या १६५१६ कारवार-यशवंतपुर एक्सप्रेस जब सुब्रमण्य रोड स्टेशन पहुंची तभी भूस्खलन हुआ। जिसके बाद ट्रेन को निरस्त कर दिया गया और रैक वापस मेंगलूरु जंक्शन पर लाया गया। गुरुवार शाम ५.३० बजे ट्रैक से मलबा पूरी तरह हटा लिया गया।

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