मोदी महादयी विवाद सुलझाने में मदद करें

Shankar Sharma

Publish: Nov, 14 2017 09:45:12 PM (IST)

Bangalore, Karnataka, India
मोदी महादयी विवाद सुलझाने में मदद करें

मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कर्नाटक, गोवा व महाराष्ट्र के बीच महादयी नदी के पानी बंटवारा विवाद में मध्यस्थता करनी

बेंगलूरु. मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कर्नाटक, गोवा व महाराष्ट्र के बीच महादयी नदी के पानी बंटवारा विवाद में मध्यस्थता करनी चाहिए। बेलगावी के सुवर्ण विधानसौधा में सोमवार से शुरू हुए अधिवेशन में भाग लेने पहुंचे मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा कि वे पहले भी प्रधानमंत्री से महादयी विवाद में मध्यस्थता की अपील कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि बातचीत से विवाद सुलझाने के प्रयास में वे गोवा व महाराष्ट्र सरकार को तीन बार पत्र लिख चुके हैं लेकिन कोई जवाब नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि केवल प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप से ही यह समस्या हल हो सकती है और क्षेत्र के लोगों को पेयजल मिल सकेगा।


भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीएस येड्डियूरप्पा द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में उन्होंने कहा कि वे पहले उनके खिलाफ चल रहे मामलों से पाक साफ होकर निकलें। उन्होंने कहा कि केजे जार्ज से त्यागपत्र मांग रहे नेताओं के खिलाफ भी अनेक शिकायतें हैं। उप के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, लिहाजा पहले उनसे इस्तीफे लिए जाएं।

गौरी लंकेश के हत्यारों को कड़ी सजा दिलाएंगे
मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने पत्रकार व सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश की हत्या को एक क्रुरतापूर्ण कृत्य करार देते हुए कहा कि राज्य सरकार हत्यारों को पकडक़र कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। बेलगावी सत्र के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष केबी कोलीवाड़ द्वारा पेश किए गए शोक प्रस्ताव पर उन्होंने कहा कि इस प्रकरण की जांच के लिए सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अपराधियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। सिद्धरामय्या ने कहा कि इस हत्या के पीछे जिन लोगों का हाथ है, उनकी पहचान होनी बाकी है लेकिन एसआईटी के अधिकारी जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लेंगे। गौरतलब है कि रेड्डी ने दो दिन पहले बेंगलूरु में प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में कहा था कि एसआईटी को गौरी लंकेश की हत्या के आरोपियों के बारे में पुख्ता सुराग मिला है और उन्हें जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। गौरतलब है कि गौरी लंकेश की 5 सितंबर की शाम करीब से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

इस बीच विधान परिषद के सभापति डी.एच. शंकरमूर्ति ने पूर्व मुख्यमंत्री धरमसिंह,पूर्व मंत्री कमरूल इस्लाम इसरो के पूर्व चेयरमैन यू.आर. राव व अन्य के निधन पर शोक प्रस्ताव पेश किया लेकिन इसमें गौरी लंकेश का नाम शामिल नहीं होने पर सत्तापक्ष के सदस्यों ने इसका विरोध किया।

खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री यू.टी. खादर ने इस मसले को उठाते हुए गौरी लंकेश का नाम शामिल करने का अनुरोध किया। इस पर सभापति ने कहा कि पिछले सत्र व इस सत्र के बीच अनेक जाने-माने लोगों का निधन होने से कुछ नाम छूट सकते हैं। उन्होंने प्रस्ताव में गौरी लंकेश का नाम भी शामिल करने पर सहमति जताई।

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