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कर्नाटक हाइ कोर्ट ने रखा केरल सीएम की बेटी की कंपनी की जांच पर रोक संबंधी आदेश सुरक्षित

locationबैंगलोरPublished: Feb 12, 2024 10:00:24 pm

Submitted by:

Sanjay Kumar Kareer

केरल के मुख्‍यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीणा विजयन की कंपनी के खिलाफ एसएफआइओ की जांच का मामला

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बेंगलूरु. कर्नाटक हाइ कोर्ट ने सोमवार को केरल के मुख्‍यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीणा विजयन की कंपनी की जांच पर रोक लगाने संबंधी याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया। हाइ कोर्ट वीणा विजयन की कंपनी एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआइओ) की जांच पर रोक संबंधी याचिका पर सुनवाई कर रहा था।
जस्टिस एम नागप्रसन्न की पीठ ने केंद्रीय कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा एसएफआइओ को कंपनी के मामलों की जांच करने के लिए जारी निर्देश को चुनौती देने वाली एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस की याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतरिम आदेश सुरक्षित रख लिया।
आदेश सुरक्षित रखने के बाद अदालत ने मौखिक रूप से एसएफआइओ को आदेश सुनाए जाने तक कंपनी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने को कहा। कोर्ट ने कंपनी से एसएफआईओ द्वारा मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराने को भी कहा।
क्या है पूरा मामला : 31 जनवरी को केंद्र सरकार ने कंपनी के खिलाफ कंपनी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केंद्रीय कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय को जांच का आदेश दिया था। याचिका में कहा गया है कि यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के भी खिलाफ है, केंद्र सरकार का यह आदेश त्रुटिपूर्ण है। बिना उचित कारण के जांच का आदेश देना प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध है।
2021 में, कंपनी रजिस्ट्रार, बेंगलूरु ने एक पत्र लिखकर कहा था कि कोचीन मिनरल्स रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और याचिकाकर्ता के बीच लेनदेन के संबंध में कंपनी अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत जांच की जाए। इस संबंध में जवाब देने वाले आवेदक ने दस्तावेजों के साथ रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज द्वारा मांगी गई सभी जानकारी जमा की थी। हालांकि, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज ने 1 अक्टूबर, 2021 को एक और पत्र लिखा और निर्देश दिया कि अब तक जमा किए गए दस्तावेज सही नहीं हैं। इसलिए, सभी सही दस्तावेज अगले 7 दिनों के भीतर जमा किए जाने चाहिए.
साथ ही उन्होंने अपनी दलील पेश करने का मौका दिए जाने का भी अनुरोध किया। साथ ही, 24 जून, 2022 को याचिकाकर्ता अपने प्रतिनिधियों के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए और आवश्यक दस्तावेजों के साथ सभी स्पष्टीकरण दिए। हालांकि, रजिस्ट्रार ने अगस्त 2023 के महीने में एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जिसमें आरोप लगाया गया था कि केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम (KSIDC), जो याचिकाकर्ता कंपनी के निदेशक के पिता के अधीन है, उसके पास कोचीन मिनरल्स और रूटाइल में 13.4 फीसदी शेयर हैं।
नोटिस के संबंध में आवेदक कंपनी ने स्पष्टीकरण दिया। हालांकि, औद्योगिक विकास निगम (KSIDC) ने कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड के मामलों की जांच के आदेश दिए थे। साथ ही जांच अधिकारी ने इस संबंध में दस्तावेज जमा करने के लिए नोटिस भी जारी किया था। इस संबंध में आवेदक ने दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए समय दिये जाने का अनुरोध किया। इस बीच, याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट से कंपनी रजिस्ट्रार द्वारा जांच और उसकी आगे की कार्यवाही के लिए जारी आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया।

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