उपचुनाव के बाद ही बढ़ेगा सरकारी बसों का किराया

उपचुनाव के बाद ही बढ़ेगा सरकारी बसों का किराया

Ram Naresh Gautam | Publish: Oct, 13 2018 06:54:35 PM (IST) | Updated: Oct, 13 2018 06:54:36 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

सीएम के निर्देश, फिजूलखर्ची पर रोक लगाएं परिवहन निगम

टिकट शुल्क बढ़ाना एकमात्र विकल्प नहीं

बेंगलूरु. सरकारी बसों के किराए में प्रस्तावित वृद्धि एक बार फिर टल गई है। बताया जाता है कि अगले महीने होने वाले लोकसभा व विधानसभा उपचुनावों के बाद किराया वृद्धि के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। फिलहाल मुख्यमंत्री ने परिवहन निगमों को घाटा कम करने के लिए किराया बढ़ाने के बजाय खर्चों में कटौती करने का सुझाव दिया है।

शुक्रवार को आवासीय कार्यालय में परिवहन निगमों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने कहा कि सरकारी परिवहन निगमों को हो रहा नुकसान कम करने के लिए केवल टिकट शुल्क बढ़ाना एकमात्र विकल्प नहीं है। निगम के अधिकारियों को अन्य सभी विकल्पों को टटोलने के बाद ही टिकट शुल्क बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने यह बात कही।

शुक्रवार को कार्यालयीन आवास कृष्णा में आयोजित परिवहन निगमों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि निगमों के नुकसान का बोझ आम आदमी पर नहीं डाल सकते। घाटा नियंत्रित करने के लिए निगमों को अपना खर्च नियंत्रित करना होगा। निगमों की बसों में यात्रियों को सुविधाएं नहीं मिलने की शिकायतें आ रही हैं। इस बात पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष परिवहन निगम के राजस्व संग्रहण में 131 करोड़ रुपए की वृद्धि सराहनीय है। सार्वजनिक परिवहन सेवा मुनाफा कमाने का साधन नहीं है। निगम को प्राप्त राजस्व का उपयोग यात्रियों की सुविधा पर ही खर्च होना चाहिए। मेट्रो रेल के साथ शहर परिवहन निगम के समन्वय से अधिक राजस्व मिल सकता है। गौरतलब है कि पिछले परिवहन निगमों ने सितम्बर के मध्य किराया बढ़ाने की घोषणा की थी लेकिन कुछ देर बाद मुख्यमंत्री ने उस पर रोक लगा दी थी।

कर्नाटक राज्य परिवहन निगम (केएसआरटीसी) और बेंगलूरु महानगर परिवहन निगम (बीएमटीसी) अधिकारियों के साथ बैठक के पश्चात मुख्यमंत्री ने कृषि, बागवानी, तथा पशुपालन विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर इन विभागों के कामकाज की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन विभागों में रिक्त पदों की जानकारी देने के लिए सूचित किया। मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि वित्त विभाग की मंजूरी के बाद चरणबद्ध तरीके से रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी।

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