मंड्या में दोहराया अनर्गल बयानबाजी का इतिहास

लोकसभा चुनाव के पहले ही मंड्या संसदीय क्षेत्र नेताओं के अनर्गल बयानों से सुर्खियों में है। कहते हैं राजनीति में कोई किसी का सगा नहीं होता और जीत हासिल करने के लिए किसी भी स्तर तक जाया जा सकता है।

By: शंकर शर्मा

Published: 10 Mar 2019, 01:10 AM IST

बेंगलूरु. लोकसभा चुनाव के पहले ही मंड्या संसदीय क्षेत्र नेताओं के अनर्गल बयानों से सुर्खियों में है। कहते हैं राजनीति में कोई किसी का सगा नहीं होता और जीत हासिल करने के लिए किसी भी स्तर तक जाया जा सकता है।

कुमारस्वामी के पुत्र निखिल गौड़ा के लिए मंड्या सीट छोडऩे के कांग्रेस के निर्णय ने टिकट की आस लगाए दिवंगत अभिनेता अबंरीश की पत्नी सुमालता अंबरीश को झटका लगा है। हालांकि सुमालता के निर्दलीय या भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लडऩे की संभावनाओं को देखते हुए जद-एस नेता और पीडबलूडी मंत्री एचडी रेवण्णा ने विवादित बयान देकर एक बार फिर वर्ष-२०१३ की याद ताजा कर दी है। जैसे इस बार रेवण्णा ने सुमालता के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि पति अंबरीश की मौत के बाद शोक मनाने की बजाय वह अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा साधने में जुट गई है, उसी प्रकार २०१३ में हुए मंड्या लोकसभा उपचुनाव के समय कांग्रेस उम्मीदवार और फिल्म अभिनेत्री रम्या के खिलाफ जद-एस ने मोर्चा खोला था।


उस समय जद-एस विधायक एम. श्रीनिवास ने रम्या को लेकर विवादास्पद बयान दिया था। उन्होंने रम्या के पिता के नाम पर सवाल करते हुए रम्या को ‘पिताविहीन टेस्ट ट्यूब बेबी’ कहा था। श्रीनिवास अपनी इस टिप्पणी से आलोचनाओं के शिकार हुए थे और कांग्रेस ने इसे आपत्तिजनक करार दिया था।


यहां तक कि मंड्या उपायुक्त ने उनके बयान पर कारण बताओ नोटिस जारी किया था जिसके बाद श्रीनिवास ने माफी मांगी थी। उस समय जद-एस के अध्यक्ष रहे कुमारस्वामी ने भी श्रीनिवास की टिप्पणी के लिए माफी मांगी थी। उपचुनाव में रम्या ने जद-एस प्रत्याशी सीएस पुट्टराजू को हराने में सफलता पाई थी लेकिन लोकसभा चुनाव २०१४ में वह पुट्टराजू से हार गई।


वोक्कलिगा समुदाय शर्मसार : मंजू
सुमालता को लेकर एचडी रेवण्णा के बयान को ओछी मानसिकता का द्योतक करार देते हुए पूर्व मंत्री तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ए. मंजू ने कहा इससे वोक्कलिगा समुदाय शर्मसार हुआ है। उन्होंने शनिवार को कहा कि जद-एस ने अंबरीश की लोकप्रियता का फायदा उठाकर मंड्या जिले में 8 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की लेकिन अब वे उनकी पत्नी को अपमानित कर रहे हैं।


देवेगौड़ा परिवार केवल अपने परिजनों की भलाई की चिंता करता है। परिजनों के स्वार्थ के लिए यह परिवार किसी भी हद तक जा सकता है। हासन में अगर देवेगौड़ा के पुत्र प्रज्वल चुनाव लड़ते हैं तो उनका पुरजोर विरोध होगा। मंजू ने भाजपा में शामिल होने के सवाल पर कहा कि उनके सामने यह भी विकल्प खुला है।


सुमालता को मनाना मेरा काम नहीं: डीके
हावेरी. जल संसाधन मंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि किसी ने भी उनको दिवंगत अभिनेता अंबरीश की पत्नी सुमालता को मनाने का दायित्व नहीं सौंपा है। यहां शनिवार को उन्होंने कहा कि उनको भरोसा है की सुमालता कांग्रेस के खिलाफ नहीं जाएगी।


कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन ने मण्ड्या लोकसभा क्षेत्र जद (एस) को सौंंपने का फैसला किया है ऐसे में यहां सुमालता को कांग्रेस का टिकट देना संभव नहीं है। सुमालता को इस क्षेत्र से चुनाव लडऩे पर पुनर्विचार करना चाहिए।

शंकर शर्मा
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned