बेड उपलब्ध नहीं करवाने वाले अस्पतालों पर गिरी गाज, लाइसेंस रद्द

जारी रख सकते हैं मरीजों का इलाज

By: Santosh kumar Pandey

Updated: 31 Jul 2020, 06:04 PM IST

बेंगलूरु. बीबीएमपी ने कोरोना मरीजों को बेड उपलब्ध कराने में नाकाम रहने के लिए दक्षिण क्षेत्र के 19 अस्पतालों के लाइसेंस अस्थाई रूप से रद्द कर दिए। इन सभी अस्पतालों ने कोरोनावायरस के रोगियों के लिए 50 प्रतिशत बेड आरक्षित करने में आनाकानी की थी।

दक्षिण जोन के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शिवकुमार के अनुसार अस्पतालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 58 के तहत शिकायतें दर्ज की गईं। लाइसेंस रद्द करने के बारे में अस्पतालों के सामने बैनर लगाए गए हैं।

इन अस्पतालों के सीईओ और मालिकों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं लेकिन सभी अस्पताल मरीजों का इलाज जारी रख सकते हैं।

जिन अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है उनमें बसवनगुड़ी उपखंड के अंतर्गत अनुगृह विठला अस्पताल, विनायक अस्पताल, प्रशांत अस्पताल और राधाकृष्ण अस्पताल, विजयनगर उपखंड के गुरुश्री अस्पताल, कालभैरेश्वर अस्पताल, पद्मश्री अस्पताल, मारुति अस्पताल, पद्मनाभनगर उपखंड के प्रोमेड अस्पताल, एनयू अस्पताल, दीपक अस्पताल, सेवाक्षेत्र अस्पताल और उधवा अस्पताल शामिल हैं।

बीटीएम लेआउट उपखंड के गंगोत्री अस्पताल, एक्यूरा अस्पताल और कारंथ अस्पताल, चिकपेट उपखंड के एचसीजी कैंसर अस्पताल, ट्रिनिटी अस्पताल और मैया अस्पताल शामिल हैं।

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Santosh kumar Pandey Desk
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