कोरोना : हल्के लक्षण वाले मरीजों को छुट्टी देने में आनाकानी कर रहे निजी अस्पताल

सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ऐसे मरीज कोविड देखभाल केंद्र भेजे जाने चाहिए या फिर होम क्वारंटाइन किए जाने चाहिए। लेकिन नियमों की अनदेखी जारी है।

By: Nikhil Kumar

Published: 01 Aug 2020, 12:06 AM IST

बेंगलूरु. बिना लक्षण या हल्के लक्षण वाले कोरोना मरीजों को छुट्टी देने में कुछ निजी अस्पतालों की आनाकानी सामने (few hospitals are refusing to discharge asymptomatic or mild symptomatic covid patients) आई है। दूसरी ओर जरूरमंदों को बिस्तर नहीं मिल पा रहे हैं। सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ऐसे मरीज कोविड देखभाल केंद्र भेजे जाने चाहिए या फिर होम क्वारंटाइन किए जाने चाहिए। लेकिन नियमों की अनदेखी जारी है। ज्यादातर मामलों में प्रदेश सरकार इन अस्पतालों के खिलाफ कोई विशेष कार्रवाई करने में विफल रही है।

एक पीडि़त परिवार के मुखिया के अनुसार कोविड की आशंका पर वे, उनकी पत्नी और बेटी बल्लारी रोड स्थिति एक निजी अस्पताल में भर्ती हुए। उपचार शुल्क व कमरे के किराए के नाम पर तीनों के लिए वे प्रतिदिन 30 हजार रुपए का भुगतान कर रहे थे। वे सिंप्टोमेटिक जबकि पत्नी और बेटी असिंप्टोमेटिक थी। भर्ती होने के कुछ दिनों बाद परिवार चाहता था कि पत्नी और बेटी को डिस्चार्ज कर होम क्वारंटाइन किया जाए लेकिन अस्पताल प्रबंधन नहीं माना। पत्नी और बेटी को भी 10 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवा निदेशालय के निदेशक डॉ. ओम प्रकाश पाटिल ने भी शिकायतें मिलने की पुष्टि करते हुए जांच के आश्वासन दिए हैं। (Karnataka Health Department promises action)

चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. के. सुधाकर ने बताया कि असिंप्टोमेटिक और हल्के लक्षण वाले कोरोना मरीज की पहचान कर मामलों की गंभीरता के आधार पर उपचार तय करने के लिए केंद्रीकृत प्रणाली स्थापित होगी।

Nikhil Kumar Reporting
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