केएसआरटीसी को मिला हुडको अवार्ड

केएसआरटीसी को मिला हुडको अवार्ड

Shankar Sharma | Updated: 28 Apr 2019, 11:04:40 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

कर्नाटक राज्य सडक़ परिवहन निगम (केएसआरटीसी) के प्रबंध निदेशक शिवयोगी कलासद को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में पर्यावरण सुधार की दिशा में सफल प्रयास करने पर हुडको की ओर से ‘हुडको अवार्ड’ से सम्मानित किया गया।

बेंगलूरु. कर्नाटक राज्य सडक़ परिवहन निगम (केएसआरटीसी) के प्रबंध निदेशक शिवयोगी कलासद को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में पर्यावरण सुधार की दिशा में सफल प्रयास करने पर हुडको की ओर से ‘हुडको अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। कलासद को हुडको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. एम. रविकांत, पूर्व उच्चायुक्त जी. पार्थसारथी ने एक लाख रुपए नकद, प्रमाण पत्र व ट्रॉफी प्रदान की। 25 अप्रेल को इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में हुडको के स्थापना दिवस पर समारोह का आयोजन किया गया।

संकेत प्रणाली में सुधार व ट्रेन की गति बढ़ाने पर मंथन
बेंगलूरु. रेल विकास निगम (आरवीएन) की ओर से २५ से २७ अप्रेल तक बेंगलूरु में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में भारतीय रेल में चल रही सिग्नल और दूरसंचार प्रणाली के बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण एवं ट्रेनों की गति पर चर्चा की गई। साथ ही रेल इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स में सिग्नल और टेलीकॉम इंटरलॉकिंग कार्यों के तेजी से क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। सुरक्षा उपकरणों की आपूर्ति शृंखलाओं के नियोजन और डिजाइन से संबंधित मुद्दों और पहलुओं के साथ-साथ वर्तमान चुनौतियों से निपटने पर भी चर्चा की गई।


सिग्नल एंड टेलीकॉम के प्रधान कार्यकारी निदेशक संजय डूंगराकोटी सम्मेलन की अध्यक्षता की और सत्र को संबोधित किया। उन्होंने रेलवे परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए रेलवे मंत्रालय के लक्ष्य अर्जित करने पर जोर दिया। दक्षिण सर्कल के रेलवे संरक्षा आयुक्त केए मनोहरन ने परियोजना निष्पादन के दौरान विभिन्न सुरक्षा संबंधी मुद्दों को पर अपने विचार रखे। उन्होंने कार्यों के निष्पादन के दौरान उच्चतम मानकों और कार्यों की गुणवत्ता के पालन की आवश्यकता पर बल दिया। कोलकाला के प्रधान सलाहकार अखिल अग्रवाल, कार्यकारी निदेशक डीआर पाल सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।

सम्मेलन में देश भर की विभिन्न परियोजना कार्यान्वयन इकाइयों के सिग्नलिंग और दूरसंचार के प्रोजेक्ट से जुड़े प्रमुखों ने भाग लिया। सम्मेलन में गैर इंटर लॉकिंग कार्य के इंटरलॉकिंग कार्य में परिवर्तित किए जाने के दौरान ट्रेनों को रेगुलेट किए जाने के दौरान यात्रियों को होने वाली असुविधा पर भी चर्चा की गई।

सम्मेलन में विचार-मंथन सत्र, गैर-इंटरलॉकिंग कार्यों के दौरान शामिल विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया और गैर-इंटरलॉकिंग अवधि को कम करने के लिए जोर दिया, ताकि यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम किया जा सके। इसके अलावा, तीसरी लाइन, बुनियादी ढांचे, विद्युतीकरण परियोजनाओं में सिग्नलिंग कार्यों की चुनौतियों पर भी चर्चा की गई।

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