इंसान क्या यहां तो भगवान भी बिन पानी हो रहे बेहाल

इंसान क्या यहां तो भगवान भी बिन पानी हो रहे बेहाल

Priya Darshan | Publish: May, 20 2019 05:30:39 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

देवस्थान भी नहीं बचे सूखे की मार से, मंदिरों का प्रबंधन पसोपेश में

बेंगलूरु. राज्य के प्रमुख तीर्थ क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समस्या विकराल हो गई है। तुमकूरु शहर के निकट स्थित सिद्धगंगा मठ में जल आपूर्ति की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं होने से यहां के प्रबंधन को प्रतिदिन मठ में आने वाले सैकड़ों श्रद्धालुओं के लिए पानी की आपूर्ति करने में परेशानी हो रही है। मठ के प्रमुख सिद्धङ्क्षलगा स्वामी के अनुसार इस क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए कोई स्थायी योजना बनाने की मांग लंबित है। इस मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिले के पावगड़ तहसील के श्रीरामतीर्थ, मधुगिरी तहसील के मारम्मा मंदिर, मैदनहल्ली के कृष्णधाम में जलसंकट है।

उत्तर कन्नड़ जिले के गोकर्ण तीर्थ क्षेत्र में भी पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। मंदिर के प्रबंधन के मुताबिक पानी के अभाव में यहां कई धार्मिक अनुष्ठान रोके गए हैं। अब मंदिर के परिसर में स्थित एक कुएं से मंदिर में पूजा के लिए पानी मिल रहा है, लेकिन उसमें भी जलस्तर लगातार घटता जा रहा है। उडुपी जिले के श्रीकृष्ण मठ, कोल्लूर का मूकाम्बिका मंदिर में जल आपूर्ति नहीं होने से यहां के प्रबंधन वाटर टैंकर पर निर्भर हैं। इस मंदिर को प्रतिदिन 20 हजार लीटर पानी की आपूर्ति टैंकर से की जा रही है। जिले की सौपर्णिका नदी का प्रवाह क्षेत्र सूख गया है।
दक्षिण कन्नड़ जिले के बेलतंगडी तहसील के धर्मस्थल में भी पेयजल आपूर्ति का अभूतपूर्व संकट है। यहां के धर्माधिकारी ने श्रद्धालुओं को कुछ दिनों के लिए धर्मस्थल की यात्रा टालने की अपील की है। इसके बावजूद शनिवार को यहां 35 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। धर्मशालाओं में ठहरने वाले इन हजारों यात्रियों के स्नान के लिए पानी उपलब्ध कराना संभव नहीं हो रहा है। यहां की नेत्रावती नदी का प्रवाह क्षेत्र सूख गया है।

कलबुर्गी के गाणगापुर दत्तात्रेय पीठ में श्रद्धालुओं को 20 रुपए प्रति बकैट के हिसाब से पानी बेचा जा रहा है। इस क्षेत्र में कर्नाटक के साथ पड़ोसी महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाणा के श्रद्धालुओं के लिए पानी की आपूर्ति करना संभव नहीं हो रहा है। बीदर जिले के नरसिंहस्वामी के झरना मंदिर में भी पानी की समस्या विकराल हो गई है। यहां की गुफा में हमेशा 4-5 फीट पानी बहता था। बहते पानी के प्रवाह में ही श्रद्धालु नरसिंहस्वामी की प्रतिमा का दर्शन करते थे, लेकिन आज यह झरना सूख गया है। इस कारण से नरङ्क्षसहस्वामी के दर्शन पर रोक लगाने की नौबत आ गई है। बेलगावी जिले के सौदत्ती तहसील के यल्लम्मा देवी के मंदिर में भी पानी की समस्या है। जिला प्रशासन की ओर से दिन में 7-8 बार वाटर टैंकर से पानी की आपूर्ति की जा रही है।

तलकावेरी में सूखा
कावेरी नदी की उद्गमस्थली कोडुगू जिले में भी ऐसे ही हालात हैं। यहां के तलकावेरी, भागमंडला जैसे क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति है। तलकावेरी के निकट श्रद्धालुओं से स्नान के लिए चैक डैम का निर्माण किया गया है, इसका जलस्तर भी घटता जा रहा है।

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