सैकड़ों कोविड मरीज आइसीयू बिस्तर के इंतजार में

- मरीजों की संख्या पर स्वास्थ्य विभाग ने साधी चुप्पी

By: Nikhil Kumar

Published: 07 May 2021, 11:29 PM IST

बेंगलूरु. कोरोना वायरस संक्रमण की बेलगाम रफ्तार और मेडिकल ऑक्सीजन के संकट के बीच मरीजों को आइसीयू बिस्तरों के लिए भटकना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार 400 से ज्यादा मरीज प्रतिक्षा सूची में हैं। आइसीयू में मरीज भर्ती हो जाए तो न्यूनतम 10 दिनों तक उपचार चलता है। ऐसे में मरीजों को आइसीयू के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। सरकारी से निजी अस्पतालों के चिकित्सकों का कहना है कि वे मजबूर हैं। चाहकर भी मरीजों को भर्ती नहीं कर पा रहे हैं।

विडम्बना तो यह है कि मरीजों की संख्या को लेकर सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने चुप्पी साध ली है। दैनिक संध्याकालीन बुलेटिन में स्वास्थ्य विभाग आइसीयू में भर्ती मरीजों की जानकारी देते आ रहा है। लेकिन, 29 अप्रेल के बाद से बुलेटिन से यह जानकारी हटा ली गई है। 29 अप्रेल तक बेंगलूरु में बेंगलूरु शहरी जिले में 857, कलबुर्गी जिले में 354, तुमकूरु जिले में 159, मैसूरु जिले में 149, दक्षिण कन्नड़ जिले में 138 और धारवाड़ जिले में 122 सहित प्रदेश के अस्पतालों के आइसीयू में कुल 2,431 मरीज उपचाराधीन थे। इसके बाद से स्वास्थ्य विभाग ने आइसीयू के मरीजों का आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया है।

ऑक्सीजन स्तर गिरने के कारण संक्रमितों की तबीयत अचानक बिगड़ रही है। कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित ज्यादातर लोगों के फेफड़े प्रभावित हो रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार आइसीयू में भर्ती करीब 90 फीसदी मरीजों की हालत गंभीर है। जल्द से जल्द आइसीयू बिस्तरों की संख्या बढ़ानी होगी। अस्पताल वेंटिलेटर युक्त बिस्तरों की कमी से भी जूझ रहे हैं।

इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम के सदस्यों के अनुसार भी आइसीयू की जरूरत वाले मरीजों की प्रतिक्षा सूची लंबी होती जा रही है। समय पर बिस्तर व उपचार के अभाव में मरीजों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है।

मुख्य सचिव पी. रविकुमार ने वरिष्ठ आइपीएस अधिकारियों को बेंगलूरु शहर में 4,000 आइसीयू बिस्तर आठ नगरपालिका क्षेत्रों में 500 के हिसाब से कुल 4,000 आइसीयू बिस्तरों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी है।

स्वास्थ्य विभाग के सोमवार शाम तीन बजे तक के आंकड़ों के अनुसार बेंगलूरु शहरी जिले में 13 सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध 70 आइसीयू बिस्तरों में से चार बिस्तर ही रिक्त हैं जबकि आइसीयू युक्त 79 वेंटिलेटर में से एक ही रिक्त है।

बेंगलूरु के बॉरिंग एंड लेडी कर्जन अस्पताल, चरक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, गोशिया अस्पताल और विक्टोरिया अस्पताल में कुल 73 आइसीयू बिस्तर हैं। सभी पर मरीज हैं। इन चारों अस्पतालों में उपलब्ध 82 आइसीयू युक्त वेंटिलेटर बिस्तरों में से एक भी रिक्त नहीं है।

शहर के 128 निजी अस्पतालों में सरकारी कोटे के मरीजों के लिए उपलब्ध 289 आइसीयू बिस्तरों में से 29 और 173 आइसीयू युक्त वेंटिलेटर बिस्तरों में से 16 बिस्तर ही उपलब्ध हैं।

शहर के 12 निजी मेडिकल कॉलेजों में 124 आइसीयू बिस्तर हैं। इनमें से चार बिस्तर उपलब्ध हैं। इन कॉलेजों में उपलब्ध 146 आइसीयू युक्त वेंटिलेटर बिस्तरों में से महज तीन उपलब्ध हैं।

Nikhil Kumar Reporting
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