scriptHyperbaric oxygen therapy can cure many diseases | हाइपरबेरिक ऑक्सीजन थेरेपी से ठीक, प्रबंधित होंगी कई बीमारियां | Patrika News

हाइपरबेरिक ऑक्सीजन थेरेपी से ठीक, प्रबंधित होंगी कई बीमारियां

- गरीबों के लिए हर कीमती उपचार मुफ्त करने पर विचार कर रही सरकार : सुधाकर

बैंगलोर

Updated: April 25, 2022 10:52:45 pm

बेंगलूरु. स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. के. सुधाकर ने सोमवार को बेंगलूरु मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (बीएमसीआरआइ ) में हाइपरबेरिक ऑक्सीजन थेरेपी (hyperbaric oxygen therapy) इकाई का लोकार्पण किया।

राज्य में यह अपनी तरह का पहला सरकारी अस्पताल है। इस थेरेपी से केवल ऑक्सीजन से ही कई बीमारियों को ठीक या प्रबंधित किया जा सकता है। साढ़े तीन करोड़ रुपए की लागत से मशीन को अमरीका से लाया गया है। उपचार की कुल अवधि डेढ़ से दो घंटे हैं। हालांकि, यह मरीज की स्थिति पर भी निर्भर करेगा।

हाइपरबेरिक ऑक्सीजन थेरेपी से ठीक, प्रबंधित होंगी कई बीमारियां

मंत्री ने कहा कि निजी अस्पतालों में हाइपरबेरिक चैंबर में एक घंटे के सत्र के लिए तीन से चार हजार खर्च होंगे। हालांकि, सरकार बीएमसीआरआइ में यह इलाज गरीबों के लिए मुफ्त करने पर विचार कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि गरीबों के लिए सभी कीमती उपचार मुफ्त हों।

विक्टोरिया अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश कृष्णन ने बताया कि इस थेरेपी से चोट, दर्द या कुछ बीमारियों में मरीज को ऑक्सीजन की मदद से लाभ मिलता है। कई मामलों में यह थेरेपी लेने की सलाह तब दी जाती है जब दवाएं काम नहीं करती हैं। इस थेरेपी से शरीर के मृत कोशिकाओं को निकाल दिया जाता है। शरीर के हर कोने तक ऑक्सीजन पहुंचाई जाती है। जिन लोगों को कैंसर, हृदय की बीमारी, मधुमेह, डायबेटिक फूट, मस्तिष्क में संक्रमण, अंधत्व, सुनने में दिक्कत, अनीमिया, स्ट्रोक आदि दिक्कत है, उनके लिए भी यह थेरेपी फायदेमंद है। यहां तक की कोविड और ब्लैक फंगस के उपचार में भी यह थेरेपी कारगर है।

डॉ. कृष्णन ने बताया कि मरीज आराम से हाइपरबेरकि चेंबर की मशीन में बैठकर हर दिन 60 से 90 मिनट तक उपचार कराता है। उपचार के आधार पर सेशन घटाए या बढ़ाए जाते हैं। चेंबर को 100 प्रतशित ऑक्सीजन से प्रेशर दिया जाता है। इससे प्रेशर बढ़ता और प्लाजमा में 10 से 20 गुना ज्यादा ऑक्सीजन जाती है। जिस हवा में हम सांस लेते हैं उसमें 21 प्रतशित ऑक्सीजन होती है जबकि हाइपरबेरिक चेंबर में 200 से 240 प्रतशित ऑक्सीजन होती है।

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