स्वचिंतन उन्नति की सीढ़ी है तो पराया चिंतन पतन की जड़

धर्मसभा में बोले आचार्य देवेंद्रसागर

By: Yogesh Sharma

Updated: 14 Jun 2020, 03:04 PM IST

बेंगलूरु. आचार्य देवेंद्रसागर ने राजाजीनगर के लूणिया भवन में कृपा शब्द का अर्थ विस्तार से समझाते हुए कहा की ईश्वर उनकी मदद करते हैं जो खुद अपनी मदद करते हैं। ‘कृपा’ शब्द का अर्थ भी यही है- ‘कर और पा’। चाहे अपना या दूसरे का हित हो, निष्ठापूर्वक कर्तव्य या सेवा करने से हम अपने आप प्रभु कृपा के पात्र बन जाते हैं। स्व का नियमित चिंतन अर्थात आत्मिक ज्ञान, गुण और शक्तियों के मनन-चिंतन से ही हम ज्यादातर शांत, शीतल, संतुलित एवं स्वस्थ रह सकते हैं। कहते हैं कि स्वचिंतन उन्नति की सीढ़ी है तो पर या पराया चिंतन पतन की जड़ है। अर्थात स्व चिंतन से ही हम अपने-पराए जैसी स्वार्थी यानी भौतिकता से भरी चिंताओं के ऊपर उठकर समाधान को पा सकते हैं। स्वयं व समाज की सुखशांति व समृद्धि अंतरात्मा के सकारात्मक गुणों के चिंतन एवं आचरण में ही निहित है, तो पर चिंतन या भोगवादी सोच से दुख, तनाव एवं नकारात्मकता फैलती है। आत्मचिंतन से आत्मा के मूलभूत गुण यानी आत्मिक शांति, प्रेम, पवित्रता, सुख और आनंद की स्थिति बनती है। इससे आत्मा में विद्यमान अमृत समान सकारात्मक ऊर्जा जागृत होती है और वह शरीर तथा मन में संचारित व प्रवाहित होती रहती है। यही ऊर्जा हमें सदा स्वस्थ और सुरक्षित रखती है। उन्होंने आगे कहा की जब तक हम अपने को परमात्मा के अंश समझेंगे, तब तक पाप, बुराई, विकार, विकर्म व अधर्म से बचते रहेंगे। क्योंकि हमारे मन मंदिर में ईश्वर का पिता रूप में वास है। जब हम प्रभु स्मृति या अच्छी सोच से खाली रहते हैं, तभी हममें व्यर्थ या बुरे विचार भर जाते हैं इसीलिए मनुष्य की आत्मा अपनी शत्रु भी है और अपनी मित्र भी है। मंदबुद्धि और इंद्रियों के अधीन होकर जो पापकर्म में लिप्त होता है, वह अपना परमशत्रु बन जाता है। जब वह अपनी कर्मेंद्रियों व ज्ञानेंद्रियों को अंतरात्मा के विवेक से संचालित करता है एवं निस्वार्थ पुण्य कार्यों में लिप्त रहता है, तब वह अपना परम मित्र बन जाता है। उसका जीवन सुखमय हो जाता है। धर्मसभा में शंखेश्वर पाश्र्वनाथ जैन संघ के पदाधिकारी आगामी चातुर्मास की रूपरेखा के लिए उपस्थित हुए थे।

Yogesh Sharma Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned