आस्था होगी तो आत्मा का उद्धार जरूर होगा

सिद्धाचल में धर्मसभा

By: Yogesh Sharma

Published: 06 Oct 2021, 07:12 AM IST

बेंगलूरु. सिद्धाचल में विराजित आचार्य चंद्रयश सूरीश्वर ने कहा कि संसार रूपी मायाजाल दुखों के जंजाल और कर्मों के दलदल में फंसे मनुष्य को बचाने भव सागर से पार लगाने और कर्म बंधनों से मुक्ति दिलाने की शक्ति सत्ता और सामथ्र्य केवल भगवान के पास है। हे प्रभु, मुझे बचाओ का आर्तनाद अगर हमारे अंतर से निकलेगा तो परमात्मा की वाणी भव सागर में भटकती आत्मा को बचाने में मार्गदर्शक तारक सिद्ध हो सकती है। परमात्मा की वाणी पर अडिग श्रद्धा अटूट विश्वास और अटल आस्था होगी तो आत्मा का उद्धार जरूर होगा। भगवान स्वयं निर्भय है, प्रभु उपासक तू भी निर्भय बन सकता है। इसके लिए सात्विक चिंतन गहन मनन और शुद्ध आचरण भी जरूरी है। इससे संतृप्त मन शांत हो सकता है प्रभु की वाणी का श्रवण उसका पालन करेंगे तो उस पथ पर अनुशरण करने के लायक बन सकते है हम। अनियंत्रित विमान की गति के समान हमारी पाप लिलाओकी रफ्तार को अगर कोई गति प्रदान कर सकता है उसे नियंत्रण में लाकर उसे सही दिशा दे सकता है तो वह है केवल प्रभु की वाणी। निरंतर प्रभु वाणी का चिंतन और मनन हमें पाप करने से रोकता है और पाप कर्मों से मुक्ति दिला सकता है। भगवान महावीर गौतम स्वामी से कहते हैं गौतम तू एक क्षण का भी प्रमाद मत कर एक पल के लिए भी जागृति की अवस्था मत खो आत्म जागृति से अति अल्प कर्म बंध होते है।

Yogesh Sharma Reporting
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