ईष्र्या और द्वेष दिल का दिवालियापन है

इससे कई बार मनुष्य का विवेक खो जाता है और न करने जैसे कार्य भी कर देता है।

By: Ram Naresh Gautam

Published: 15 Nov 2018, 07:57 PM IST

बेंगलूरु. साध्वी संयमलता ने कहा कि ईष्र्या और द्वेष दिल का दिवालियापन है। ईष्र्या गुणों को नहीं देख सकती, ग्रहण नहीं कर सकती। ईष्र्या व द्वेष से आत्मा में रहे स्वाभाविक गुणों पर पर्दा पड़ जाता है।

इससे कई बार मनुष्य का विवेक खो जाता है और न करने जैसे कार्य भी कर देता है। परिणामस्वरूप कटुता का वातावरण बन जाता है। साध्वी अमितप्रज्ञा ने दिवाकर चालीसा का सामूहिक गान करवाया।

दोपहर में कौन बनेगा भाग्यशाली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें 150 महिलाओं ने भाग लिया। बाद में 5 चांदी के सिक्के लकी ड्रॉ में निकाले गए।

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मणिपाल मैराथन की वेबसाइट लांच
मणिपाल. मणिपाल उच्चतर शिक्षा अकादमी (एमएएचइ) ने 10 फरवरी को आयोजित होने वाले मणिपाल मैराथन के तीसरे संस्करण के लिए बुधवार को वेबसाइट लॉन्च की।

मणिपाल शिक्षा व मणिपाल समूह के अध्यक्ष डॉ. राजन पई ने वेबसाइट का उद्घाटन किया। विश्वविद्यालय खेल सचिव डॉ. विनोद नायक ने कहा कि इस मैराथन में गत वर्ष 6000 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया था। इस बार 10,000 लोगों के हिस्सा लेने की उम्मीद है।

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