जीएसटी धोखाधड़ी के मामले में कर्नाटक में पहली बार हुई गिरफ्तारी

जीएसटी धोखाधड़ी के मामले में कर्नाटक में पहली बार हुई गिरफ्तारी

Kumar Jeevendra | Publish: Sep, 07 2018 07:53:19 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

फर्जी इनवाइस का इस्तेमाल कर बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) के 8.16 करोड़ रुपए की हेराफेरी का मामला

बेंगलूरु. वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) उल्लंघन के कथित आरोप में राज्य में पहली बार दो व्यापारियों की गिरफ्तारी हुई है। वाणिज्य कर विभाग ने कर धोखाधड़ी के आरोप में बेंगलूरु मूल के दो व्यापारियों को गिरफ्तार किया है जिन पर आरोप है कि इन्होंने फर्जी इनवाइस का इस्तेमाल कर बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) के ८.१६ करोड़ रुपए की हेड़ाफेरी की है।
वाणिज्यिक कर अधिकारियों ने पाया कि अभियुक्तों ने बिना जीएसटी भुगतान के ही सामान या सेवाओं को बेचा है जिससे वे फर्जी तरीके से आइटीसी का लाभ लेने में सफल रहे। दो भिन्न मामलों में हुई गिरफ्तारी में आरोपियों की पहचान हामिद रिजवान और जितेन्द्र कांतिलाल गांधी के रूप में हुई है।
दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में लेने के लिए आर्थिक अपराध न्यायालय बेंगलूरु में पेश किया गया है जबकि वाणिज्य कर विभाग के प्रवर्तन विंग ने आगे की जांच जारी रखी है। राज्य में जीएसटी से संबंधित कर वंचना अपराध में पहली बार आपराधिक मामला दर्ज किया है। वाणिज्य कर आयुक्त एमएस श्रीकर ने कहा कि हमने पहली बार जीएसटी उल्लंघन में दो लोगों को गिरफ्तार किया है और यह जीएसटी शिकायतों की दिशा में विभाग की बड़ी उपलब्धि है। विभाग की प्रवर्तन टीम ने अतिरिक्त आयुक्त नीतेश के पाटिल और सहायक आयुक्त जी विश्वनाथ के नेतृत्व में हामिद रिजवान के व्यापारिक लेनदेन का निरीक्षण किया गया जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी हुई। हामिद पर आरोप है कि जीएसटी शुरू होने के १३ महीने बाद भी उसने अपने प्रतिष्ठान का जीएसटी में पंजीयन नहीं कराया और इस दौरान 45.9 4 करोड़ रुपए का लेनदेन किया। इसमें ८.१६ करोड़ रुपए आइटीसी से संबंधित है। हामिद के व्यापारिक लेनदेन की बिक्री और खरीद की जांच के बाद वाणिज्यिक कर विभाग के बाद उसके हामिद सहित उसके कई ग्राहकों ने आइटीसी का दावा किया। इसी क्रम में विभाग ने हामिद के पहले ग्राहक के रूप में गांधी को गिरफ्तार किया जिसने जीएसटी उल्लंघन कर रखा था।
५३ करोड़ का जुर्माना
विभाग ने एक अन्य मामले में टैक्स फर्जीवाड़े में शहर आधारित पेंट और सजावट कंपनी पर 53 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। कंपनी का पंजीयन पता यशवंतपुर का है जबकि विनिर्माण संयंत्र मालूर में है। कंपनी पर आरोप है कि उसने पिछले कई महीने से वाणिज्य कर फर्जीवाड़ा किया है। बुधवार को जीएसटी अधिकारियों की एक टीम ने संयुक्त सचिव के नेतृत्व में कंपनी के यशवंतपुर और मालूर स्थित प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की और बाद में ५३ करोड़ का जुर्माना लगाया।

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned