भविष्य में घर ही पर बैठ कर हो सकेगी पढ़ाई

हो सकता है कि भविष्य में विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए विश्वविद्यालय न आना पड़े। वे घर बैठे ही पढ़ाई कर सकेंगे। विश्व भर में उच्च शिक्षा प्रणाली तेजी से बदल रही है।

By: Santosh kumar Pandey

Published: 03 Mar 2019, 04:32 PM IST

उच्च शिक्षा में सुधार के लिए सरकार ने किया विशेष समिति का गठन
जल्दी ही रिपोर्ट सौंपेगी यह समिति
मैसूरु. हो सकता है कि भविष्य में विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए विश्वविद्यालय न आना पड़े। वे घर बैठे ही पढ़ाई कर सकेंगे। विश्व भर में उच्च शिक्षा प्रणाली तेजी से बदल रही है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी घर से ही पढ़ाई कर रहे हैं। इस कारण कई जगहों पर कई विश्वविद्यालय बंदी के कगार पर हैं। ये बातें मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कही। वे मैसूरु विवि के नए कैंपस की आधारशिला रखने के बाद संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में सुधार के लिए प्रदेश सरकार ने शिक्षाविद विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। जो सरकार को जल्द रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर सरकार अविलंब उचित कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि कुलपतियों से सरकार पहले से ही मार्गदर्शन ले रही है।

मुख्यमंत्री ने विवि के लॉ स्कूल भवन, ऑर्गेनिक रसायन विभाग, शताब्दी संग्रहालय भवन, वाणिज्यिक परिसर, दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम और स्विमिंग पूल की नई गैलरी सहित कई अन्य कार्यक्रमों का उद्घाटन भी किया।
मैसूरु विवि के कुलपति हेमंत कुमार ने बताया कि २५ एकड़ में बनने वाले इस नए कैंपस में फार्मेसी कॉलेज, अनुसंधान केंद्र और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के समक्ष एक तकनीकी शिक्षा केंद्र की स्थापना होगी। उन्हें उम्मीद है कि सौ वर्ष से भी पुराने मैसूरु विवि को राष्ट्रीय विवि का दर्जा दिलाने में यह नया कैंपस मददगार साबित होगा।

मैसूरु विवि के पूर्व कुलपति प्रो. केएस रंगप्पा ने कहा कि अपने कार्यकाल में उन्होंने मैसूरु विवि को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान और राष्ट्रीय विवि के समकक्ष खड़ा करने की पूरी कोशिश की। लेकिन केंद्र से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।

Santosh kumar Pandey Desk
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