भारत दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी : नायडू

श्रवणबेलगोला में महामस्तकाभिषेक समारोह में बोले उपराष्ट्रपति

श्रवणबेलगोला (हासन). उपराष्ट्रपति एम वैंकेया नायडू ने शनिवार को कहा कि भारत दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी है। हमारी प्राचीन संस्कृति आज भी प्रासंगिक और प्रेरणादायाी है।
श्रवणबेलगोला में चल रहे भगवान बाहुबली गोम्मटेश्वर के महामस्तकाभिषेक महोत्सव में भाग लेने के बाद मुनियो-साध्वियों और श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए नायडू ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति सदियों बाद भी अक्षुण्ण और दुनिया के लिए प्रेरणादायी बनी हुई है। मुनि देश के अलग-अलग हिस्सों का भ्रमण कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। यह हमारी संस्कृति है जो हमें अपने गुरुओं का सम्मान और अनुकरण करने के साथ ही उनसे प्रेरणा लेने का संस्कार देती है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमें धर्म को लेकर झिझकना नहीं चाहिए। हमारा देश दुनिया के लिए आध्यात्मिक राजधानी है और हमें इस पर गर्व करना चाहिए। नायडू ने कहा कि कर्नाटक अपने समृद्ध विरासत और संस्कृति के प्रसिद्ध है। श्रवणबेलगोला भी ऐसे ही स्थलों में से एक है जिसका सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व है। देश के प्रमुख नेताओं का इस पवित्र स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने दूसरों को भी यहां आने के लिए प्रेरित करता है।

समाज के लिए कुछ करें
नायडू ने कहा कि हर व्यक्ति को समाज के कुछ करना चाहिए। समाज हमें बहुत कुछ देता है और यह हमारा दायित्व है कि हम समाज के लिए कुछ करें। जैन समुदाय ने हमें समाज के लिए कुछ अच्छा करने की राह दिखाई है। इससे पहले उपराष्ट्रपति पंचकल्याणक महोत्सव के तहत आयोजित राज्याभिषेक में शामिल हुए। उन्होंने भारतीय ज्ञानपीठ की ओर से प्रकाशित 108 पुस्तकों का भी विमोचन किया। इस मौके पर उनके साथ राज्यपाल वजूभाई वाळा, केंद्रीय मंत्री एच एन अनंत कुमार, जिला प्रभारी मंत्री ए मंजु भी थे। श्रवणबेलगोला मठ के प्रमुख चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी ने नायडू को महामस्तकाभिषेक महोत्सव के लिए आमंत्रित किया। इससे पहले नायडू भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से बेंगलूरु आए और फिर श्रवणबेलगोला गए। श्रवणबेलगोला से बेंगलूरु लौटने के बाद नायडू दिल्ली वापस लौट गए। हवाई अड्डे पर राज्यपाल वाळा, केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार और राज्य के गृह मंत्री आर रामलिंगा रेड्डी ने नायडू का स्वागत किया और विदाई दी।
गौरतलब है कि जैन काशी के नाम से विश्रुत प्राचीन नगरी श्रवणबेलगोला में 12 साल के अंतराल पर भगवान बाहुबली की एक हजार साल से अधिक पुरानी एकाश्म प्रतिमा का महामस्तकाभिषेक आयोजित हो रहा है। 7 फरवरी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस महोत्सव का उद्घाटन किया था। अभी पंचकल्याणक महोत्सव चल रहा है। इसके बाद नौ दिवसीय महामस्तकाभिषेक महोत्सव शुरु होगा। पहला महामस्तकाभिषेक 17 फरवरी और आखिरी महामस्तकाभिषेक 25 फरवरी को होगा। 26 फरवरी को समापन होगा। पहले दिन 108 कलशों और बाकी दिन 1008 कलशों से अभिषेक होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी महामस्तकाभिषेक के दौरान कार्यक्रम में शामिल होंगे।

 

कुमार जीवेन्द्र झा Incharge
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