मेट्रो रेल निगम को 200 करोड़ देगा इंफोसिस फाउंडेशन

करार: कला को बढ़ावा देगा ई-सिटी मेट्रो स्टेशन

By: Ram Naresh Gautam

Published: 20 Jul 2018, 06:34 PM IST

बेंगलूरु. सूचना प्रौद्योगिक प्रमुख कंपनी इंफोसिस की मदद से बनने वाले इलेक्टॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन पर स्थानीय कलाकारों के कला को बढ़ावा देने के लिए विशेष हिस्सा होगा। यहां कलाकृतियों के साथ ही हस्तशिल्प उत्पादों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

गुरुवार को विधानसौधा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी और उपमुख्यमंत्री डॉ जी परमेश्वर की मौजूदगी में इंफोसिस फाउंडेशन और मेट्रो रेल निगम के बीच कोनपन्ना अग्रहार मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए करार हुआ। इंफोसिस फाउंडेशन स्टेशन के निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपए की सहायता मेट्रो रेल निगम को देगी।

साथ ही 30 साल तक स्टेशन के रखरखाव की जिम्मेदार भी फाउंडेशन की होगी। इसके बदले में में स्टेशन का नामकरण इंफोसिस के नाम पर होगा। करार पर इंफोसिस फाउंडेशन की प्रमुख सुधामूर्ति और मेट्रो रेल के प्रबंध निदेशक अजय सेठ ने हस्ताक्षर किए। यह स्टेशन मेट्रो रेल के दूसरे चरण में आर वी रोड-बोम्मसंद्र खंड में बनेगा।

करीब दो लाख वर्ग मीटर में बनने वाले स्टेशन में 3 हजार वर्ग मीटर का क्षेत्र इंफोसिस के लिए होगा जहां स्थानीय कलाकार अपनी कलाकृतियों व हस्तशिल्प उत्पादों को प्रदर्शित करने के साथ ही मुफ्त में प्रदर्शनी भी आयोजित कर सकेंगे। वर्ष 2021 तक निर्मित होने वाले इस स्टेशन पर बिजली की आवश्यकता को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा पैनल भी लगाए जाएंगे।

कुमारस्वामी ने राज्य के विकास में इंफोसिस फाउंडेशन के योगदान की सराहना की। परमेश्वर ने कहा कि बेंगलूरु में काफी संख्या में ऐसी बड़ी कंपनियां हैं जो कार्पोरेट समाजिक सहभागिता के तहत काम करती हैं। यह करार अन्य कंपनियों को भी राह दिखाएगा। अगर ज्यादा कंपनियां सरकार के साथ हाथ मिलाती हैं तो विकास के ज्यादा कार्य हो सकते हैं।

इंफोसिस से मिलने वाली राशि के खर्च के बारे में बताते हुए मेट्रो के महाप्रबंधक (वित्त) यू ए वसंत राव ने कहा कि इसमें 100 करोड़ रुपए स्टेशन के निर्माण के लिए दी जाएगी और कुछ राशि रीच-5 के निर्माण में भी खर्च होगी। स्टेशन के आंतरिक और ब्राह्य सज्जा, सौर पैनल और 30 तक रख-रखाव पर भी इंफोसिस वहन करेगी। इससे कंपनी पर 75 से 100 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सेठ ने मेट्रो के विस्तार से हर दिन इलेक्ट्रॉनिक सिटी आने जाने वाले पेशवरों को राहत मिलेगी। साथ ही राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 7 पर दबाव कम होगा।

 

जो पाया, उसे लौटाया
समाज से हमने जो पाया है उसे लौटाना हमारा दायित्व है। मेट्रो स्टेशन के लिए धन उपलब्ध कराने के पीछे भी यही उद्देश्य है। मेट्रो शहर में तेज और आसान सफर उपलब्ध कराता है। हम सरकार से ही सब काम करने की उम्मीद नहीं कर सकते हैं। जब लोग प्रशासन के साथ हाथ मिलाते हैं तो काफी काम आसन हो जाते हैं।
सुधा मूर्ति, अध्यक्ष, इंफोसिस फाउंडेशन

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