घर मंदिर में ही हुई घट स्थापना, पूजा

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन मनाया जानेवाला राज्य का सबसे बड़ा त्यौहार युुगादि बेहद सादगी के साथ घर में ही मनाया गया।

बेंगलूरु. चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन मनाया जानेवाला राज्य का सबसे बड़ा त्यौहार युुगादि बेहद सादगी के साथ घर में ही मनाया गया। लोगों ने घर मंदिर में ही पूजा-अर्चना की और रोग,दुख, शोक के साथ ही कोरोना से भी बचाने की प्रार्थना की। थाली में नीम व आम की पत्तियां सजाई गईं और गुड़ भी अर्पित किया गया। नीम की पत्तियों व गुड़ के प्रतीक के माध्यम से सुख व दुख में समभाव रखने का संकल्प लिया गया।

मां के शैलपुत्री स्वरूप का पूजन किया गया

इसी तरह नवरात्रि पर कलश स्थापना के साथ ही पूजा की गई। लॉकडाउन के कारण आराधना और उपासना के लिए पूजा सामग्री आसानी से नहीं मिल पाई। फिर भी लोगों ने कलश, चुनरी, कपूर आदि जुटा लिए थे और ब्रह्ममुहूर्त में ही कलश स्थापना की। मां के शैलपुत्री स्वरूप का पूजन किया गया और लोगों ने कोरोना वायरस से भी बचाने की विनती की।

Santosh kumar Pandey Desk
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