बाल्यावस्था में ही हो अच्छे संस्कारों का सिंचन: मुणोत

हमारी संस्कृति तथा परंपराओं को लेकर अवगत किया जाना चाहिए।

By: Ram Naresh Gautam

Published: 15 Nov 2018, 07:39 PM IST

बेंगलूरु. बाल्यावस्था में अच्छे संस्कारों के सिंचन से ही हमारा जीवन संवरता है। ऐसे संस्कार ही वास्तव में हमारे जीवन की दिशा और दशा तय करते हैं, इसलिए अभिभावकों को बच्चों को संस्कारित करने पर विशेष ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है।

समाजसेवी उद्यमी महेंद्र मुणोत ने यह बात कही। चिक्कसंद्रा सरकारी स्कूल में बुधवार को 'बाल दिवस' के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में उन्होंने कहा कि बाल्यावस्था में बच्चों को देशभक्ति, देश के प्रति सम्मान, हमारी संस्कृति तथा परंपराओं को लेकर अवगत किया जाना चाहिए।

तभी जाकर भविष्य में ऐसे बच्चे देश के विकास के लिए योगदान देते हैं। स्वाध्याय के साथ-साथ खेलकूद पर ध्यान देने से बच्चों का समग्र विकास होता है। तथा उनका स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।

महेन्द्र मुणोत ने 'विद्यासुरक्षा' योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को नोटबुक वितरित किए।

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गति धीमी की
ट्रेन 12725 केएसआर बेंगलूरु-धारवाड़ इंटरसिटी एक्सप्रेस 19 से 23 नवम्बर तक बनसंद्रा और अमासंद्रा रेलवे स्टेशन के बीच धीमी गति से गुजरेगी।

23 नवम्बर को शुरू होने वाली ट्रेन 22498 तिरुचिरापल्ली-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस को बनसंद्रा रेलवे स्टेशन पर 40 मिनट के लिए रोका जाएगा। ट्रेन 56269 शिवमोग्गा टाउन-मैसूरु पैसेंजर 24 नवम्बर को 30 मिनट के लिए बाणावर स्टेशन पर रोकी जाएगी।

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