भागवद गीता, पीएम मोदी की तस्वीर के साथ 19 उपग्रह लांच

एन-सिल का पहला, इसरो का पूर्ण वाणिज्यिक मिशन
सफल रहा पीएसएलवी का 53 वां, साल का पहला मिशन

By: Rajeev Mishra

Updated: 28 Feb 2021, 08:01 PM IST

बेंगलूरु.
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक पूर्ण वाणिज्यिक मिशन के तहत ब्राजीली उपग्रह अमेजोनिया-1 समेत निजी क्षेत्र के कुल 19 उपग्रहों को पृथ्वी की कक्षा में सफलता पूर्वक स्थापित कर साल 2021 की शानदार शुरुआत की।
यह अंतरिक्ष विभाग के अंतर्गत नवगठित न्यू-स्पेस इंडिया लिमिटेड (एन-सिल) का पहला मिशन भी था। मिशन के साथ लांच किया गया स्टार्टअप कंपनी स्पेसकिड्ज का उपग्रह सतीश धवन सैट (एसडीसैट) अपने साथ भागवद गीता की एक इलेक्ट्रोनिक कॉपी और पीएम मोदी की तस्वीर के साथ इसरो अध्यक्ष के शिवन, इसरो के वैज्ञानिक सचिव उमा महेश्वरन आर. सहित कुल 25 हजार लोगों के नाम भी ले गया है। तीन शैक्षिक संस्थाओं के तीन उपग्रहों (यूनिटीसैट) और अमरीका के 12 स्पेसबीज उपग्रह भी धरती की कक्षा में स्थापित किए गए।

अभी तक का सबसे लंबा मिशन
श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पहले लांच पैड से इसरो का विश्वसनीय रॉकेट पीएसएलवी सी-51 ने निर्धारित समय 10.24 बजे उड़ान भरी और 17 मिनट 23 सेकेंड बाद अमेजोनिया-1 को धरती की निर्दिष्ट सूर्य समकालिक कक्षा (एसएसओ) में स्थापित कर दिया। मिशन जारी रहा और 1 घंटे 38 मिनट बाद शेष 18 उपग्रह भी अपनी-अपनी कक्षा में स्थापित हो गए। पूरा मिशन 1 घंटे 55 मिनट तक चला जो इसरो का अभी तक का सबसे लंबा मिशन भी है। इस दौरान रॉकेट के चौथे चरण का इंजन दो बार चालू और बंद किया गया। प्रक्षेपण के दौरान ब्राजील का प्रतिनिधिमंडल भी सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में मौजूद था।

ब्राजीली उपग्रह का प्रक्षेपण गर्व की बात: शिवन
प्रक्षेपण की सफलता पर खुशी जताते हुए इसरो अध्यक्ष के.शिवन ने कहा कि ब्राजीली उपग्रह को लांच करने पर इसरो को गर्व है। उन्होंने कहा 'ब्राजील द्वारा डिजाइन किए गए उपग्रह को लांच कर भारत और इसरो गर्व का अनुभव कर रहे हैं। उपग्रह अच्छी स्थिति में है। मैं इसरो और ब्राजीली टीम को बधाई देता हूं।'

ब्राजील में उपग्रह विकास के नए युग की शुरुआत: पोंट्स
वहीं, ब्राजील के विज्ञान-प्रौद्योगिकी एवं नवाचार मंत्री मार्कोस सीज पोंट्स ने कहा 'अमेजोनिया-1 ब्राजील के लिए एक अहम मिशन है। यह ब्राजील में उपग्रह विकास के लिए एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है।' उन्होंने भारत और ब्राजील के बीच बढ़ती साझेदारी के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि उनका देश भारत के साथ संबंधों को और मजबूत करने के लिए तत्पर है। अमेजोनिया-1 एक ऑप्टिल भू-अवलोकन (अर्थ ऑब्जर्वेशन) उपग्रह है जिसका विकास नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस रिसर्च (आइएनपीइ) ने किया है। यह उपग्रह सर्वाधिक जैव विविधता वाले आमेजन वनक्षेत्र में हो रही वनों की कटाई के संबंध में उपयोगकर्ता को रिमोट सेंसिंग आंकड़े उपलब्ध कराएगा।

बढ़ेंगी एन-सिल की गतिविधियां: जी.नारायणन
यह अंतरिक्ष विभाग के अंतर्गत नव गठित न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एन-सिल) का पहला मिशन भी था। एन-सिल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक जी. नारायणन ने कहा कि एन-सिल ने अपने सफर की शानदार शरुआत की है। उन्होंने भारत और इसरो पर विश्वास जताने के लिए ब्राजील के प्रति अभार प्रकट किया और कहा कि भविष्य में एन-सिल की गतिविधियां और बढ़ेंगी।

इस साल 14 मिशन होंगे लांच
मिशन पूरा होने के बाद इसरो अध्यक्ष के.शिवन ने कहा कि इसरो के हाथ काफी काम है। इस साल व्यस्तता काफी रहेगी क्योंकि 14 मिशन लांच करने की योजना है। इन 14 मिशनों में 8 प्रक्षेपणयान मिशन होंगे जबकि 6 उपग्रह मिशन होंगे। इनमें से एक मानव रहित मिशन भी होगा। गगनयान मिशन के तहत इसरो दो मानव रहित मिशन लांच करेगा। पहला मानव रहित मिशन इसी साल के अंत तक लांच करने की योजना है। इसरो अध्यक्ष ने कहा कि यह लक्ष्य है और इसरो इसके लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह इसरो का विशेष मिशन था क्योंकि, नए अंतरिक्ष सुधारों के तहत लांच किया गया। उम्मीद है यह मिशन देश के निजी उद्योगों और शैक्षणिक संस्थाओं को ऐसे और मिशन लांच करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि 'हम कोविड-19 से बाहर नहीं आ पाए हैं। कोविड से जुड़े मानदंड अब न्यू नॉर्मल हैं। इसलिए कोविड-19 के हिसाब से काम के तौर-तरीकों में कई नई चीजें शामिल की गई हैं।'

Rajeev Mishra Reporting
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