येत्तिनहोले परियोजना का स्वरुप बदलना घातक : देवगौड़ा

येत्तिनहोले परियोजना का मौजूदा स्वरूप बदलकर पानी को किसी दूसरी दिशा में मोडऩा प्रकृति के लिए घातक साबित होगा। इस परिवर्तन का पुरजोर विरोध किया जाएगा। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने यह बात कही।

By: Sanjay Kulkarni

Updated: 01 Mar 2020, 09:24 PM IST

हासन.पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने रविवार को येत्तिनहोले परियोजना का स्वरुप बदलने के प्रयासों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का लक्ष्य कोलार जिले को पेयजलापूर्ति करना है। अभी तक इस योजना का कोई भी विरोध नहीं कर रहा था लेकिन इस बीच योजना में परिवर्तन लाने के संकेत मिल रहे हैं। इस कारण योजना में नए अवरोधक पैदा होने की संभावना है। लिहाजा ऐसे प्रयास नहीं किए जाने चाहिए।
नहीं पूरा होगा जद-एस को मिटाने का सपना
एक अन्य सवाल के जबाव में उन्होंने कहा कि जद-एस ने इससे पहले भी कई चुनौतियों का सामना करते हुए अपना अस्तित्व बरकरार रखा है। ऐसे में अगर कोई राज्य में जनता दल-एस को मिटाने का सपना देख रहा हो तो उसका यह सपना कभी पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1989 में पार्टी की बुरी तरह से हार हुई थी। एक दो नेताओं के बलबूते पर उन्होंने पार्टी संगठन खड़ा करते हुए वर्ष 1994 के राज्य विधानसभा चुनाव में पार्टी को स्पष्ट बहुमत के साथ सत्तासीन किया था। इसलिए हाल के समय में हुए चुनावों में पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिलने से पार्टी में कोई घबराहट नहीं है।
खुफिया एजेंसियों की नाकामी है दिल्ली हिंसा
दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि केंद्रीय खुफियां एजेंसी अपना दायित्व निभाने में विफल रही हैं। यह विफलता देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए घातक है।

Sanjay Kulkarni Reporting
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