आम चुनाव की तैयारियों में जुटा जद-एस

जनता दल-एस ने आम चुनाव की तैयारियां शुरु कर दी हैं। राज्य की 28 लोकसभा क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों के खिलाफ कांग्रेस तथा जद-एस के गठबंधन की संयुक्त चुनौती के प्रयास जारी है।

By: शंकर शर्मा

Published: 03 Mar 2019, 02:38 AM IST

बेंगलूरु. जनता दल-एस ने आम चुनाव की तैयारियां शुरु कर दी हैं। राज्य की 28 लोकसभा क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों के खिलाफ कांग्रेस तथा जद-एस के गठबंधन की संयुक्त चुनौती के प्रयास जारी है। लेकिन अभी तक इन दोनों दलों के बीच सीटों का बटवारा नहीं हुआ है। जनता दल (एस) ने मण्ड्या, हासन, मैसूरु, बेंगलूरु उत्तर, शिवमोग्गा, चिक्कबल्लापुर, तुमकूरु समेत 12 सीटों पर दावेदारी पेश की है।


कांग्रेस अब तक जद (एस) के लिए इतनी सीटें छोडऩे के लिए तैयार नहीं है। खासकर कोलार, चिकबल्लापुर तथा तुमकूरु लोकसभा क्षेत्र जहां पर कांग्रेस के मौजूदा सांसद हैं, इन क्षेत्रों के लेकर दोनों दलों के बीच आमसहमति नहीं बन रही है। दोनों दलों के नेता बता रहे है कि सीटों के बटवारे का फैसला अंतत: राहुल गांधी तथा एचडी देवेगौड़ा की बैठक में ही होगा। दोनों दलों के नेता पार्टी के स्थानीय नेताओं के दवाब होने के कारण अभी तक प्रत्याशियों के चयन को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दे रहें है। बेंगलूरु जद-एस इकाई के अध्यक्ष प्रकाश के अनुसार शहर की सभी 28 विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी के संगठन को सक्रिय करने के लिए 8 मार्च से 15 मार्च तक विधानसभा क्षेत्रों में सिलसिलेवार बैठकों का आयोजन किया जा रहा है।

जद-एस से किसी ने नहीं की बात: सुमालता
मैसूरु. दिवंगत अभिनेता अंबरीश की पत्नी सुमालता ने शनिवार को कहा कि जनता दल-एस के किसी भी नेता ने उनसे चुनाव संबंधी बात नहीं की है। यहां सुत्तूर मठ के प्रमुख डॉ शिवरात्री देशिकेंद्र से आशीर्वाद लेने पहुंची सुमालता ने कहा कि गत पांच दिनों से वह मण्ड्या लोकसभा क्षेत्र में शामिल सभी विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर वहां के अंबरीश प्रशंसकों का मन टटोल रही हैं। प्रशंसक उन पर इसी क्षेत्र से चुनाव लडऩे के लिए दबाव बना रहें है। इस क्षेत्र में अगर कांग्रेस का टिकट नहीं मिलता है तो वह प्रशंसकों के साथ संवाद कर अंतिम फैसला करेंगी।


‘भाजपा का ऑफर ठुकराएंगी सुमालता’
मेंगलूरु. मंत्री यूटी खादर ने दावा किया है कि अवसरवादिता की राजनीति में माहिर भाजपा की मंड्या जिले में जडें़ नहीं हैं, इसलिए सुमालता को भाजपा में शामिल करने का प्रयास किए जा रहे हैं।


यहां शनिवार को उन्होंने कहा कि सुमालता सांप्रदायिक भाजपा के जाल में नहीं फंसेंगी। अंबरीश समाज के हर वर्ग को साथ में लेकर चलते थे। ऐसे में सुमालता उनके सिद्धांतों पर चलते हुए सांप्रदायिक भाजपा से दूर रहेंगी।

शंकर शर्मा
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