रेजीडेंट चिकित्सकों ने सरकार को दी और मोहलत

- वृत्तिका जारी करने की मांग पूरी नहीं होने से हैं खफा

By: Nikhil Kumar

Published: 03 Aug 2020, 12:56 AM IST

बेंगलूरु. दावणगेरे जेजेएम मेडिकल कॉलेज (जेजेएमएमसी) के रेजीडेंट चिकित्सकों ने स्टाइपेंड (वृत्तिका) की मांग को लेकर फिलहाल हड़ताल की योजना टाल दी है। कर्नाटक एसोसिएशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स (केएआरडी) ने मांगें पूरी नहीं की स्थिति में 30 जुलाई से फिर से हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी थी।

केएआरडी के अध्यक्ष डॉ. दयानंद सागर ने रविवार को बताया कि समय सीमा समाप्त होने के बाद भी सरकार ने मांगें पूरी नहीं की है। कोई ठोस आश्वासन तक नहीं है। जिसे लेकर चिकित्सकों में नाराजगी है। लेकिन कोरोना संकट की घंड़ी में चिकित्सक सरकार को कुछ और दिनों का समय देना चाहते हैं। जानकारी के अनुसार सरकार समस्या सुलझाने की दिशा में काम कर रही है। फाइलों पर काम जारी है।

केएआरडी के अनुसार करीब 17 माह से स्टाइपेंड लंबित है। कर्नाटक सरकार ने वर्ष 2018 में स्टाइपेंड देने से मना कर दिया था क्योंकि जेजेएमएमसी चिगतेरी जनरल अस्पताल के अंतर्गत है। जिसके बाद राजस्व की कमी का हवाला देते हुए जनरल अस्पताल ने भी स्टाइपेंड देने से मना कर दिया। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने स्टाइपेंड देने की जिम्मेदारी वापस जेजेएमएमसी प्रशासन के सिर मढ़ दी। जेजेएमएमसी ने भी फंड की कमी के कारण असमर्थता जता दी।

डॉ. राचप्पा ने बताया कि 17 माह से चिकित्सक बिना स्टाइपेंड के काम कर रहे हैं। सरकार के सारे आश्वासन खोखले निकले। चिकित्सक अब हर कीमत पर अपना हक चाहते हैं। जिला प्रशासन के अनुसार प्रदेश सरकार मार्च 2019 से जून 2020 तक की वृत्तिका राशि जारी करेगी। चिकित्सकों की पहली मांग पूरी हो गई है लेकिन सरकार ने यह साफ नहीं किया है कि जुलाई से स्टाइपेंड देने की जिम्मेदारी सरकार की होगी या कॉलेज प्रशासन की। जिसकी भी जिम्मेदारी हो, चिकित्सक सुनिश्चित करना चाहते हैं कि स्टाइपेंड राशि सरकारी रेजीडेंट चिकित्सकों के बराबर हो क्योंकि हड़ताल में शामिल सभी चिकित्सक सरकारी कोटे पर पढ़ाई कर रहे हैं और सरकार के लिए काम कर रहे हैं। डॉ. राचप्पा ने कहा कि चिकित्सकों को लिखित आश्वासन चाहिए जिसमें सरकार यह भी स्पष्ट करे कि जुलाई से भुगतान कौन करेगा और स्टाइपेंड राशि कितनी होगी।

उल्लेखनीय है कि वृत्तिका नहीं मिलने से नाराज चिकित्सक एक से 20 जुलाई तक हड़ताल पर थे लेकिन चिकित्सकों ने कोविड ड्यूटी जारी रखी थी। 20 जुलाई की शाम हड़ताल वापसी की घोषणा करते हुए केएआरडी ने 29 जुलाई ताक मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 30 जुलाई से फिर से हड़ताल की चेतावनी दी थी।

Nikhil Kumar Reporting
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