कोरोना के बीच डेंगू ने पैर पसारे

- कर्नाटक सहित 11 राज्यों में सीरोटाइप-2 डेंगू ने बढ़ाई चिंता
- निगरानी अभियान प्रभावित

By: Nikhil Kumar

Published: 25 Sep 2021, 09:25 PM IST

बेंगलूरु. कर्नाटक सहित डेंगू के मच्छरों ने देश के कई राज्यों में पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। देश के 11 राज्यों में डेंगू (सीरोटाइप-2) के मामले सामने आए हैं। यह बीमारी के अन्य रूपों की तुलना में अधिक मामलों और जटिलताओं से जुड़ा हुआ है। केंद्र सरकार ने कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु और तेलंगाना राज्यों को चेतावनी जारी की है। इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए राज्यों को आवश्यक उपाय और सावधानी बरतने को कहा है। रोकथाम के उपचाय भी जारी किए हैं।

दोहरी मार
कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग को कोरोना वायरस संक्रमण और डेंगू बुखार की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। कोविड के मामले घटे हैं। लेकिन डेंगू के मरीज बढ़ रहे हैं। इस वर्ष अभी तक राज्य में डेंगू बुखार के कुल 2,987 मामले सामने आए हैं। इनमें से 600 मरीजों की पुष्टि बीते तीन सप्ताह में हुई है। इनमें से 150 मरीज अकेले बेंगलूरु शहर में मिले हैं। कुल 2,987 मरीजों में से 540 मरीज बेंगलूरु, 293 मरीज उडुपी, 280 मरीज कलबुर्गी, 226 मरीज शिवमोग्गा और 190 मरीज दक्षिण कन्नड़ जिले से हैं।

किशोरी की मौत
दावणगेरे जिले में डेंगू बुखार से बुधवार को एक 14 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू से मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। बच्ची जिले के चन्नागिरी तालुक के केरेबिलाची गांव की निवासी थी।

जिला निगरानी अधिकारी डॉ. जी. डी. राघवन के अनुसार जिले में मच्छर जनित बीमारियों के मरीज बढ़े हैं। कार्ड प्रणाली जांच में किशोरी डेंगू बुखार से पीडि़त पाई गई थी। परिजनों ने उसे 17 सितंबर को बापूजी बाल अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन बुधवार को उसकी मौत हो गई। जिले में डेंगू के कुल 127 मामले सामने आ चुके हैं। मरीजों में करीब 15 बच्चे भी हैं। जिले के विभिन्न अस्पतालों में इन बच्चों का उपचार जारी है। 2,052 बच्चे विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। इनमें से 83 बच्चों को खांसी, 510 बच्चों को बुखार, 383 बच्चों को सांस लेने में दिक्कत की शिकायत है। 41 बच्चे आइसीयू में भर्ती हैं।

चार स्ट्रेन प्रचलित
नमूनों के जांच में डेंगू के कुल चार (डी-1, डी-2, डी-3 और डी-4) स्ट्रेन सामने आए हैं। ज्यादातर मरीज पहले तीन स्ट्रेन से प्रभावित हैं। हासन और बेंगलूरु में स्ट्रेन डी-4 की पुष्टि भी हुई है।

डेंगू निगरानी कार्यक्रम प्रभावित
डी-2 स्ट्रेन ने उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक बच्चों को प्रभावित किया है। हासन और बेंगलूरु में सभी स्ट्रेन मिले हैं। कोविड पर ध्यान केंद्रित होने के कारण डेंगू निगरानी कार्यक्रम प्रभावित हुई है।
- डॉ. रमेश कवलगोड, संयुक्त निदेशक, राष्ट्रीय मच्छर जनित नियंत्रण कार्यक्रम, कर्नाटक

गत वर्ष 4093 मामले, पांच मौतें
सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 में राज्य में डेंगू के 4,093 मरीज मिले थे। इनमें से 1,127 मरीज बेंगलूरु से थे। प्रदेश में डेंगू से पांच मरीजों की मौत हुई थी।

दो माह में 40 बच्चे भर्ती
गत दो माह में अस्पताल में डेंगू बुखार के 40 बाल मरीजों का उपचार हुआ है। डेंगू के मामले बढ़े हैं। विशेषकर गत एक माह के दौरान।
- डॉ. के. एस. संजय, निदेशक, इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ

Nikhil Kumar Reporting
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