चुनाव पर नजर, लोकलुभावन बजट

-मुफ्त एलपीजी कनेक्शन, छठे वेतन आयोग और सर्वजन स्वास्थ्य योजना का तोहफा, किसानों को सहारा देने की कोशिश, बेंगलूरु के बुनियादी विकास में संतुलन की कवाय

Rajeev Mishra

February, 1607:39 PM

बेंगलूरु. दो महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए वित्त विभाग का दायित्व संभाल रहे मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने शुक्रवार को विधानसभा में वर्ष 2018 -19 के लिए एक लोक लुभावन बजट पेश किया जिसमें कृषि, स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण के साथ-साथ बेंगलूरु विकास पर विशेष बल है। सरकारी कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग का तोहफा मिला है तो मोदी केयर की तर्ज पर आरोग्य कर्नाटक और 30 लाख परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देने की घोषणा कीगई है। मुख्यमंत्री ने अपने बजट का आरंभ बसवण्णा के एक उद्धरण से किया और कहा 'हम सिर्फ सपने नहीं दिखाते, हम सपनों को हकीकत में बदलते हैं।Ó उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की खूबसूरती है कि किसान का एक बेटा आज 13 वीं बार बजट पेश करने के लिए खड़ा हुआ है। सिद्धू ने ४ घंटे १० मिनट तक बजट भाषण पढ़ा। हालांकि, अप्रेल-मई में चुनाव होने के कारण इस बजट का ज्यादा तकनीक महत्व नहीं है क्योंकि कांग्रेस के सत्ता में लौटने पर ही ये नई योजनाएं लागू हो पाएंगी। दूसरी पार्टी की सरकार बनने की स्थिति में नए सिरे से पूर्ण बजट पेश करने की परंपरा रही है। बजट के साथ ही सिद्धू ने अप्रेल-जुलाई के लिए लेखानुदान मांगें भी पेश की।

मुख्यमंत्री ने 2 लाख 9 हजार 18 1 करोड़ रुपए का बजट पेश करते हुए 1 लाख 6 2 हजार 6 37 करोड़ राजस्व व्यय, 35 हजार 458 करोड़ पूंजीगत व्यय और 11 हजार 8 6 करोड़ रुपए देनदारियों के भुगतान पर खर्च होने का अनुमान जताया है। कुल खर्च में से 28 हजार 2 करोड़ रुपए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की उपयोजनाओं पर खर्च होंगे। बजट से कुल प्राप्तियां 2 लाख 2 हजार 297 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है जिसमें से 1 लाख 6 2 हजार 76 5 करोड़ राजस्व प्राप्तियां और 39 हजार 532 करोड़ पूंजीगत प्राप्तियां होंगी। मुख्यमंत्री ने आबकारी राजस्व बढ़ाने पर जोर देते हुए तत्काल प्रभाव से 8 फीसदी आबकारी कर बढ़ाने की घोषणा की जिससे राज्य को वर्ष 2018 -19 में 18 हजार 750 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय होगी। मुख्यमंत्री ने शेष क्षेत्रों को स्पर्श तक नहीं किया। वर्ष 2018 -19 के लिए 127 करोड़ रुपए के अधिशेष बजट में 35 हजार 127 करोड़ रुपए के राजकोषीय घाटे का अनुमान जताया गया है जो राज्य सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 2.49 फीसदी है। सरकार की कुल देनदारियां 2 लाख 8 6 हजार 790 करोड़ रुपए हैं जो कि जीएसडीपी का 20.36 फीसदी है। यह राज्य वित्तीय उत्तरदायित्व अधिनियम के तहत वर्ष 2018 -19 के लिए 25 फीसदी की सीमा से कम है।मुख्यमंत्री ने अपनी उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि कर्नाटक आज देश के विकिसित राज्यों में से एक है जहां किसानों को ब्याज रहित ऋण मिलते हैं। वहीं इंदिरा कैंटीन सहित कई ऐसी योजनाएं सरकार ने चलाई जिसका सीधा लाभ आम जन तक पहुंच रहा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने चुनावों को ध्यान में रखते हुए कई नई घोषणाएं की।

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खेती किसानी पर जोर: कृषि विभाग के लिए 5 हजार 8 49 करोड़ रुपए का आवंटन। सिंचाई के लिए 15 हजार 998 करोड़ रुपए दिए।
-तीन लाख तक के कृषि ऋण पर शून्य ब्याज, 3 से 10 लाख पर 3 फीसदी ब्याज दर।
-रैयत बेळकु योजना सूखाग्रस्त क्षेत्र के 70 लाख किसानों को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाएगी। पांच हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से अधिकतम 10 हजार रुपए हर किसान के खाते में दिए जाएंगे। हर साल 3500 करोड़ का अतिरिक्त व्यय।
मोदी केयर की तर्ज पर आरोग्य कर्नाटक: हर 5 हजार की ग्रामीण आबादी खुलेंगे स्वास्थ्य केंद्र। नौ हजार उपकेंद्रों का होगा उन्नयन। मद में 6 हजार 6 45 करोड़ का प्रावधान।
सरकारी कर्मचारियों को तोहफा : छठे वेतन आयोग की सिफारिशें मंजूर। राज्य के 5.93 लाख कर्मचारियों व 5.73 लाख पेंशनर को मिलेगा लाभ। तीस फीसदी तक बढ़ेगा वेतन। राजकोष पर 10 हजार 508 करोड़ का अतिरिक्त भार।
मुफ्त एलपीजी कनेक्शन: मुख्यमंत्री केंद्र सरकार की उज्जवला योजना की तर्ज पर 'मुख्यमंत्री अनिल भाग्य योजनाÓ की घोषणा की जिसके तहत 30 लाख परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन एवं दो बर्नर वाले स्टोव व दो गैस सिलेंडर मिलेंगे।
फ्री बस पास: राज्य के 19.6 लाख छात्रों को मुफ्त बस पास मिलेगा।
योग ?? केंद्र: डॉ राजकुमार के नाम पर बेंगलूरु में योग केंद्र स्थापित होंगे
डबल डेकर बस: शहरी परिवहन के लिए 10 डबल डेकर बसें चलेंगी।
आईटी सिटी में साइकिल सवारी: जल्द लांच होगा सार्वजनिक सायकिल कार्यक्रम।
झील पुनरुद्धार: चर्चित प्रदूषित बेलंदूर झील के उद्धार के लिए 50 करोड़।
बेंगलूरु विकास पर बल: आईटीपीएल को जोडऩे वाली 14 सड़कों का होगा विकास। सिग्नल फ्री कोरीडोर के तहत 12 ओवर ब्रिज, अंडरपास बनेंगे।
सस्ता हुआ छोटे विमानों के लिए एटीएफ: केंद्र सरकार की उड़ान योजना को सहयोग प्रदान करते हुए छोटे विमानों के ईंधन (एटीएफ) पर बिक्री कर में 23 फीसदी की कटौती। एटीएफ पर बिक्री कर अब 28 की जगह केवल 5 फीसदी।
महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 5 हजार 371 करोड़ का प्रावधान।
दलितों के साथ अंतरजातीय विवाह पर 5 लाख का पुरस्कार।

Rajeev Mishra Reporting
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