scriptKarnataka : Dead bodies of tiger and cub recovered | बाघ और शावक के शव बरामद | Patrika News

बाघ और शावक के शव बरामद

locationबैंगलोरPublished: Dec 09, 2023 10:00:50 pm

Submitted by:

Nikhil Kumar

  • दोनों बाघों की मौत का कारण अभी तक पता नहीं चला है। दोनों बाघों के शव एक ही स्थान पर मिलने के कारण इन्हें जहर दिए जाने की संभावना है। जानकारों का कहना है कि यदि मौतें क्षेत्र की लड़ाई में लगी चोटों के कारण हुई हैं, तो शावक के भी उसी स्थान पर मरने की संभावना कम है।

बाघ और शावक के शव बरामद
बाघ और शावक के शव बरामद

चामराजनगर जिले के गुंडलुपेट तालुक में एक खेत में एक बाघ और उसके शावक का शव बरामद हुआ। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार शव गुरुवार को टेरकनांबी की सीमा से लगे मेलुरु गांव में पाए गए। जिस स्थान पर ये शव पाए गए, वह बिलिगिरि रंगनाथस्वामी मंदिर (बीआरटी) टाइगर रिजर्व से करीब 21 किलोमीटर की दूरी पर है।

दोनों बाघों की मौत का कारण अभी तक पता नहीं चला है। दोनों बाघों के शव एक ही स्थान पर मिलने के कारण इन्हें जहर दिए जाने की संभावना है। जानकारों का कहना है कि यदि मौतें क्षेत्र की लड़ाई में लगी चोटों के कारण हुई हैं, तो शावक के भी उसी स्थान पर मरने की संभावना कम है।

बन्नेरघट्टा जैविक उद्यान के पशु चिकित्सक डॉ. मंजूनाथ ने कहा कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुसार दोनों शवों का पोस्टमार्टम होगा। इसके बाद ही मौत का कारण पता चल सकेगा।

वन विभाग के पास उन्नत एलिसा टेस्ट किट नहीं

पारंपरिक नमूनाकरण विधियां 72 घंटों तक जहर का पता लगा सकती हैं, लेकिन 72 घंटे से अधिक पुराने शवों के मामलों में यह संभव नहीं है। शवों के 48 से 72 घंटे पुराने होने की संभावना है। ऐसे मामलों में उन्नत एलिसा किट जहर का पता लगाने में सक्षम होती है। वन विभाग के पास ऐसी किट नहीं हैं। किट किसी और देश से आयात करने पड़ेंगे। तब तक आंत के नमूनों को जमाकर रखना होगा। वन विभाग दोषियों को पकड़ भी ले तब भी वैज्ञानिक या पुख्ता सबूतों के लिए किट की जरूरत पड़ेगी। इसके अभाव में आरोपी बचकर निकलेंगे।

उल्लेखनीय है कि जनवरी 2020 में गोवा में जहर देकर मारे गए चार बाघों की मौत की गुत्थी इन्हीं आयातित किटों ने सुलझाई थी।

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