अस्पतालों में घट रही ऑक्सीजन की मांग

- खपत में 448 मीट्रिक टन तक गिरावट

By: Nikhil Kumar

Published: 21 Jun 2021, 11:56 PM IST

बेंगलूरु. कोरोना की दूसरी लहर कमजोर पडऩे के साथ ही तरल मेडिकल ऑक्सीजन की मांग में भी तेजी से गिरावट आ रही है। पिछले चार सप्ताह में से ऑक्सीजन की मांग लगातार घट रही है। दूसरी लहर के शुरुआती दिनों में सभी अस्पताल ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे थे। कई कोविड मरीजों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी।

कोविड वॉर रूम के आंकड़ों के अनुसार खपत लगभग 850 मीट्रिक टन प्रतिदिन से घटकर 402 मीट्रिक टन हो गई है। प्रदेश के 1,242 सरकारी व निजी असपतालों में इस समय 15,135 मरीज ऑक्सीजन पर हैं।

बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका क्षेत्र में सबसे ज्यादा करीब 142 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की खपत है। 10 जून तक प्रतिदिन 171 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही थी। इसके बाद मैसूरु जिले के अस्पतालों को रोजाना करीब 41 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ रही है।

बेंगलूरु शहर के 438 अस्पतालों में 13,014 ऑक्सीजन सप्लाई वाले बिस्तर हैं। इनमें से अब केवल 3,100 बिस्तरों पर मरीजों का उपचार जारी है।

मैसूरु के 66 सरकारी व निजी अस्पतालों में करीब 1,800 मरीज ऑक्सीजन पर हैं। बल्लारी जिले में 1191, दावणगेरे जिले में 822, दक्षिण कन्नड़ जिले में 865 और धारवाड़ जिले में 730 मरीज ऑक्सीजन पर हैं।

राज्य में जून के पहले सप्ताह से खपत कम होनी शुरू हो गई थी। तीन जून को 672 मीट्रिक टन, चार जून को 639 मीट्रिक टन, 29 मई को 710 मीट्रिक टन, 27 मई को 778 मीट्रिक टन और 29 मई को 710 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की खपत हुई थी।

Nikhil Kumar Reporting
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