कोड़ग़ू का मैसूरु से संपर्क टूटा, भूस्खलन जारी, हालात खराब

कोड़ग़ू का मैसूरु से संपर्क टूटा, भूस्खलन जारी, हालात खराब

Sanjay Kumar Kareer | Updated: 17 Aug 2018, 11:34:13 PM (IST) Bangalore, Karnataka, India

कई लोग बाढ़ में फंसे, राहत व बचाव कार्य में तेजी, सेना की मदद

बेंगलूरु. भारी बारिश, उफनती नदियों व अनेक स्थानों पर भू-स्खलन के कारण कॉफी उत्पादन के प्रमुख केन्द्र कोडग़ू का मैसूरु सहित अन्य स्थानों से संपर्क टूट गया है। कठिन हालात के कारण राहत व बचाव कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के कंडाकल के निकट कंडनाकोली- हालेरी इलाके में करीब 200 लोग फंसे हुए हैं। खराब मौसम के कारण सेना के हेलीकॉप्टर उनको बचाने के लिए उड़ान नहीं भर पा रहे हैं। अनेक नदी नालों के उफान पर होने से कुशालनगर पानी में डूबने के खतरे का सामना कर रहा है।

राष्ट्रीय आपदा राहत बल के 30 सदस्यीय दल को बचाव कार्य शुरू करना कठिन हो गया है। खबरों के मुताबिक भागमंडल, नापोक्लु, आयंगेरी तथा अन्य स्थानों की सड़कें पूरी तरह से बह चुकी हैं और कुशालनगर का करीब आधा हिस्सा पानी में डूब गया है। घाटी का मुख्य पुल टूटने के खतरे का सामना कर रहा है।

राज्य सरकार ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारामन से माक्कनडुरू में फंसे लोगों को बचाने के लिए वायुसेना को निर्देश देने का मांग की है।
सकलेशपुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग के शिराडी घाट पर अनेक स्थानों पर भू-स्खलन जारी होने से यातायात पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस बीच कबिनी बांध से करीब 83 हजार क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोडऩे के कारण मैसूरु-ऊटी राजमार्ग पर करीब 4 फीट की ऊंचाई तक पानी बह रहा है।

कपिला नदी में आई बाढ़ से नंजनगुड कस्बे में पानी भरने का खतरा उत्पन्न हो गया है। नदी का पानी प्रसिद्ध नंजुंडेश्वर मंदिर में घुस गया है। नदी किनारे स्थित मकान व फार्म बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। पुलिस ने हेज्जेगे पुल पर भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर खोले गए हैं।

दूसरी तरफ बाढ़ के कारण श्रीरंगपट्टण तालुक में 500 एकड़ से अधिक कृषि भूमि जलावृत हो गई है। केआर सागर जलाशय से करीब 1.20 लाख क्यूसेक पानी कावेरी नदी में छोड़े जाने से यह नदी मलवल्ली तालुक में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और नदी के किनारे पर बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।

हासन जिले के अरकलगुड तालुक के रामनाथपुरा में हेमावती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। निचले इलाकों में स्थित 20 से अधिक मकान बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। कावेरी नदी के चारों जलाशयों को मिलाकर कुल 2 लाख 91,079 क्सूयेक पानी छोड़ा जा रहा है।

इस बीच, लगातार हो रहे भू-स्खलन के कारण मडीकेरी-मेंगलूरु राजमार्ग लगातार पांचवे दिन यातायात के लिए बंद रहा। कोडग़ू जिले के अनेक हिस्सों में बिजली गुल होने की वजह से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और कई स्थानों के साथ मोबाइल नटवर्क भी टूट गया है।

हेमावती जलाशय से पानी छोड़े जाने के कारण मडीकेरी-हासन राज्य राजमार्ग पूरी तरह से डूब गया है। हारंगी नदी पर कुडिग़े के पास निर्मित पुल में दरारें आ जाने के कारण इस पुल पर यातायात रोक दिया गया है। भारी बारिश के कारण मडीकेरी शहर में अनेक मकान गिर गए हैं। विराजपेट व मडीकेरी के बीच भेटरी पास पर बना पुल बाढ़ के पानी मेंं डूब गया है जिसके चलते वाहनों के यातायात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

शनिवार संते व आसपास के गांवों के दान के खेतों में पानी भर गया है और काफी के बागानों में बी फानी भर गया है। कस्बे में करीब आठ मकान ढह चुके हैं और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग मकान गिरने के डर से घर छोड़कर निकल चुके हैं। राज्य के अनेक इलाकों से मिल रही मदद के चलते मैसूरु जिला प्रशासन ने कोडग़ू जिले में राहत व बचाव कार्य के लिए लोगों को व राहत सामग्री को भेेजा है। 50 से अधिक फ्लैश लाइट व मोटी रस्सियों के कई बंडल भेजे गए हैं।

जिला उपायुक्त अभिराम शंंकर ने कहा कि हम अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं और हरसंभव सहायता भेजने के लिए तैयार हैं। एक ओबीएम नाव के साथ 17 सदस्यीय दलस लाइफ जेकेट्स व रस्सियां आपात स्थिति का सामना करने के लिए एचडीकोटे फायर स्टेशन पर पहुंचा दी गई है। राहत सामग्री व 11 सदस्यीय दल को टी.नरसीपुर फायर स्टेशन पर जबकि 14 सदस्यीय एसडीआरएफ दल को वाहन व उपकरणों के साथ नंजुनगुड फायर स्टेशन में तैनात किया गया है।

राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित सात जिलों में राहत व बचाव कार्य के लिए पहले ही 200 करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री कुमारस्वामी लगातार हालात पर नजर रखे हैं। उन्होंने अधिकारियों व जिला प्रभारी मंत्रियों से राहत व बचाव कार्य में किसी तरह की कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कोडग़ू जिले में बाड़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सेना की मदद मांगी है।

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